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Ujjain: Prasad and parking people are embarrassing, dispute with Mumbai family, head broken

विवाद के बाद मुंबई से पहुंचे परिवार से मारपीट की गई।
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


उज्जैन नगर के धार्मिक महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन उज्जैन आते हैं, जहां पर विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही अन्य मंदिरों पर भी पहुंचते हैं लेकिन मंदिरों के बाहर पार्किंग प्रसाद तिलक लगाने वाले और अन्य लोग श्रद्धालुओं के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने के साथ ही मारपीट तक आमदा हो जाते हैं। इससे उज्जैन नगरी का नाम शर्मसार हो रहा है। आज सुबह भी काल भैरव क्षेत्र में ऐसा ही कुछ देखने को मिला, जहां पर मुंबई से आए एक परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगो ने इस कदर मारपीट की कि एक का सिर फटा तो एक श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोंटे आईं। बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा उनके कपड़े फाड़ डाले। हालात यह बन गए कि महिलाओं ने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी से बचाने की मिन्नतें की लेकिन उसने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 

बताया जाता है कि रिषीकेश भट्टाचार्य अपने भाई अमरदीप पिता रमेश (43) निवासी मुंबई, पत्नी अनुपमा, भाभी सेजल, बच्चे जीन, युवराज, नेत्र, इशिता बैनर्जी के साथ उज्जैन दर्शन करने आए थे। उन्होंने बताया कि आज सुबह होटल से कालभैरव मंदिर दर्शन के लिए मैजिक वाहन लिया और मंदिर पहुंचे। ड्रायवर ने उसका वाहन पार्किंग में लगाया और हम लोग दर्शनों के लिए चले गए। वहां से लौटे और पार्किंग में खड़े मैजिक वाहन में बैठे तो कुछ लोग वहां आ गए। उन्होंने कहा कि पार्किंग में वाहन खड़ा किया है तो प्रसाद खरीदना पड़ेगा। हमने कहा कि हमने दूसरी जगह से प्रसाद खरीद लिया है अब नहीं खरीदना तो वह मैजिक ड्रायवर के साथ गाली गलौज करने लगे। 

हमने विवाद कर रहे लड़कों को गाली गलौज करने से रोका तो करीब दो दर्जन से अधिक लड़के इकट्ठे हो गए, जिनके हाथ में लोहे की रॉड, डंडे, पाइप थे और सभी ने अचानक से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में अमरदीप का सिर फट गया, मुझे पैरों में डंडे मारे, बच्चों के कपड़े फाड़े, महिलाओं के कपड़े फाड़कर बुरी नीयत से छुआ और ड्रायवर को जान से मारने की धमकी दी। यह लोग भीड़ में मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई बचाने नहीं आया। मंदिर के पास चौकी पर एक एएसआई ड्यूटी कर रहा था। उसके पास सेजल गईं हाथ जोड़े, पैर पड़े तो वह चौकी से उठकर पार्किंग तक आया और उसने ड्रायवर से कहा पार्किंग से बाहर गाड़ी निकालो। उसी मैजिक वाहन से ड्रायवर सभी घायलों को पहले भैरवगढ़ थाने लेकर गया। वहां से एक होमगार्ड सैनिक हमें जिला अस्पताल लेकर आया। 

बताया जाता है कि रिषीकेश स्वयं वकील हैं जबकि गंभीर घायल उनके भाई अमरदीप मुंबई कोर्ट में सरकारी वकील हैं। रिषीकेश की पत्नी अनुपमा और भाभी सेजल भी वकील हैं। बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। रिषीकेश ने बताया कि बदमाशों ने बेटे के कपड़े फाड़ दिए इस कारण उसे बिना कपड़ों के घायल हालत में अस्पताल लेकर आना पड़ा है। कालभैरव पार्किंग में मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में अभी पुलिस फोर्स पहुंचा रहा हूं। किसी भी घायल या उनके परिजन के साथ अभद्रता या गुण्डागर्दी नहीं होगी।

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