Court sentenced life imprisonment to four guilty of murder of youth in Mainpuri

कोर्ट (प्रतीकात्मक)
– फोटो : istock

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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 20 साल पहले युवक की हत्या करने वाले गांव के दो सगे भाइयों सहित चार लोगों को एफटीसी प्रथम की जज चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उनको अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा है।

थाना बेवर के गांव अकबरपुर गनू के रहने वाले जबर सिंह 22 सितंबर 2004 को गुंडा एक्ट के मुकदमे की तारीख करके अपने भाई रामलखन के साथ गांव जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही रहने वाले राजेंद्र सिंह ने अपने भाई जबर सिंह सहित गांव के ही अमर सिंह और अनिल कुमार की मदद से उनको घेर लिया। 

फायरिंग करके जबर सिंह की हत्या कर दी। रामलखन घायल हो गए। रामलखन ने चारों के खिलाफ थाना बेवर में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज चेतना चौहान की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने चारों के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। 

गवाही तथा एडीजीसी मुकुल रायजादा की दलीलों के आधार पर चारों को जबर सिंह की हत्या तथा रामलखन जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। एफटीसी जज चेतना चौहान ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 30-30 हजार रुपया का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद उनको हिरासत में लेकर जेल भेजा है।



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