Loksabha Election 2024: SP, BSP and BJP not decided name on kaiserganj seat.

बृजभूषण शरण सिंह, बावन सिंह, अजय सिंह और प्रेमनरायण पांडेय।
– फोटो : amar ujala

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कद्दावर, किलेबंदी और किरदार। अरसे तक जेहन में यही अल्फाज कैसरगंज की सियासत का खाका खींचते रहे। चुनावी मौसम के मौजूदा दौर में कैसरगंज संसदीय सीट के लिए एक ही शब्द बिल्कुल सटीक बैठता है और वह है कौतूहल। हाईप्रोफाइल क्षेत्र में सियासी अखाड़ा तैयार है। इंतजार है तो बस पहलवानों का। यहां सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ सपा और बसपा ने भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सपाई, भाजपा की लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा हाईकमान ने सस्पेंस गहरा कर दिया है। बसपा को दोनों दलों के बागियों की सरगर्मी से तलाश है।

बहराइच और गोंडा दो जिलों की पांच सीटों से बना यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से उर्वर है। तीस वर्षों से जिले की राजनीति में दखल रखने वाले पहलवान बृजभूषण शरण सिंह छह दफा सांसद रह चुके हैं। गोंडा, बलरामपुर के बाद कैसरगंज लोकसभा से वह तीसरी बार लगातार चुने गये। साल 2009 में सपा फिर 14 और 19 में भाजपा प्रत्याशी के रूप उन्होंने जीत हासिल की। मंडल के साथ-साथ प्रदेश की अधिकांश सीटों पर भाजपा उम्मीदवार तेजी पकड़ चुके हैं, लेकिन कैसरगंज में मामला फीका है। दो प्रमुख फेहरिस्तों में अधिकृत प्रत्याशियों के ऐलान में बृजभूषण का नाम न होना चर्चा में है।

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महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों से घिरने के बाद बृजभूषण ने तमाम मोर्चेबंदी की, लेकिन उनके अखाड़े की सियासी पकड़ राष्ट्रीय राजधानी में लगातार ढीली पड़ती गई। लंबा सियासी तजुर्बा रखने वाले जिले के बड़े राजनेता कहते हैं कि ऐसा सस्पेंस पहले नहीं दिखा।  

भाजपा के दो पैनलों में चार नामों पर चर्चा

कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवारों के रूप में तीन लोगों का नाम केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा गया था। इसमें सांसद बृजभूषण शरण सिंह, तरबगंज विधायक प्रेमनरायन पांडेय और करनैलगंज विधायक अजय सिंह भी शामिल थे। तीनों दावेदारों के नाम पर पहले प्रदेश फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। इसके बाद प्रदेश प्रभारी बैजयंत जय पांडा ने बची सीटों पर दो-दो अन्य दावेदारों की लिस्ट जुटाई। इनमें तरबगंज विधायक के साथ कटराबाजार विधायक का नाम भी रहा। 

सपा-बसपा की भाजपा की टकटकी

सपा ने इस सीट से भूतपूर्व मंत्री पंडित सिंह के अनुज नरेंद्र सिंह का नाम आगे बढ़ाया। उन्होंने कैंपेनिंग भी शुरू की, लेकिन भाजपा के वेटिंग-लिस्ट वाले माजरे को भांपते हुए सपा रणनीतिकारों ने पैर पीछे खींचे। सपा से एक और दावेदार का नाम सामने आया, वह हैं कारोबारी विनोद शुक्ल। अब सपा, भाजपा की फिराक में है। बसपा इन दोनों के बागियों पर निगाहें टिकाये बैठी है। कांग्रेस से गठबंधन के चलते यह सीट इस बार सपा के खाते में है। 

अन्य सीटों पर भी असरदार रहेगा सपा उम्मीदवार

सपा जिलाध्यक्ष अरशद हुसैन ने कहा कि कैसरगंज से हमारा उम्मीदवार सब पर भारी पड़ेगा। उसके आने से अन्य सीटों पर भी असर दिखेगा। समाजवादी पार्टी पूरी मुस्तैदी से मंडल की चारों सीटों पर लड़ रही है। समाजवादी परचम हर तरफ फहराएगा। 

भाजपा में व्यक्ति नहीं संगठन लड़ता है चुनाव

भाजपा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप का कहना है कि कैसरगंज में संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रत्याशी के नाम पर मुहर लगनी है। दिल्ली में उम्मीदवारी तय होगी। लेकिन भाजपा में व्यक्ति नहीं बल्कि संगठन चुनाव लड़ता है। कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ मैदान में डटे हैं।



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