Shiva Jyoti Arpana event changed due to code of conduct now five lakh lamps will be lit instead 26 lakh lamps

आचार संहिता के चलते शिव ज्योति अर्पणम आयोजन बदला
– फोटो : अमर उजाला

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धार्मिक नगरी उज्जैन में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया था। जो कि इस बार महाशिवरात्रि पर नहीं, बल्कि 40 दिवसीय विक्रम महोत्सव कार्यक्रम के तहत नौ अप्रैल गुड़ी पड़वा पर आयोजित किया जाने वाला है।

इस आयोजन में पूर्व की तरह ही इस वर्ष भी लगभग 26 लाख दीपक जलाने का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके पीछे मंशा प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की थी। लेकिन आचार संहिता के कारण इस वर्ष यह रिकॉर्ड नहीं बन पाएगा और इस वर्ष मां शिप्रा के तट रामघाट पर 26 लाख नहीं, बल्कि सिर्फ पांच लाख दीपक प्रज्जवलित कर मां शिप्रा के घाट रोशन किए जाएंगे।

गुड़ी पड़वा एवं विक्रमोत्सव के उपलक्ष्य में इस वर्ष शिव ज्योति अर्पणम उत्सव अन्तर्गत क्षिप्रा के घाटों पर 26 लाख दीप एक साथ प्रज्जवलित करते हुए एक नया विश्वकीर्तिमान रचा जाना था। किन्तु यह रिकार्ड दर्ज करने वाली संस्था गिनीज बुक द्वारा आयोजन की तैयारी कर रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों और जिला प्रशासन का अवगत करवाया गया कि संस्था की नीति अनुसार, लोकसभा निर्वाचन की आचार संहिता प्रभावशील होने के कारण संस्था ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं बन सकती है। लोकसभा चुनाव के दौरान इन दिनों पूरे भारत में आदर्श आचार संहिता लागू है, जिससे शासकीय, अर्धशासकीय कोई कार्यक्रम नहीं किये जा सकते हैं। इसलिए नगर निगम एवं जिला प्रशासन ने गुड़ी पड़वा विक्रमोत्सव के अवसर पर आयोजित शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में इस वर्ष 26 लाख दीपकों की बजाय पांच लाख दीपकों से क्षिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट, गुरुनानक घाट के साथ ही अन्य घाट पर रोशन कर यह उत्सव मनाने का फैसला लिया है।

याद रहे कि नगर पालिक निगम एवं जिला प्रशासन द्वारा पिछले काफी समय से इस कार्यक्रम की तैयारी हर घर दीपक कार्यक्रम की तैयारियां प्रारंभ करते हुए दीपोत्सव से संबंधित आवश्यक सामग्री दीपक, बत्ती, मोमबत्ती, तेल, कपुर, किम्ची इत्यादी, टेंट, ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार, सजावट इत्यादि की टेंण्डर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। वहीं, घाटों पर भी नगर निगम द्वारा सफाई कार्य, रंगाई-पुताई, पेचवर्क, आवश्यक मरम्मत, संधारण कार्य भी प्रारंभ कर दिए गए थे। लेकिन लोकसभा निर्वाचन के चलते इस वर्ष इस आयोजन में 26 लाख नहीं, बल्कि पांच लाख दीपकों से मां क्षिप्रा के घाट रोशन किए जाएंगे।

साल 2022 में 11 लाख 2023 में जलाए गए थे 21 लाख दीपक

उज्जैन में ही पिछली बार शिव ज्योति अर्पणम-2023 कार्यक्रम में मिट्टी के 21 लाख दीपक जलाए गए थे। 18 फरवरी 2023 को महाशिवरात्रि के पर्व पर ये दीपक जलाए गए थे। इससे पहले साल 2022 में महाशिवरात्रि पर ही मिट्टी के 11,71,078 दीये जलाए गए थे। इस वर्ष 25 लाख से ज्यादा दीपक जलाकर अयोध्या का रिकॉर्ड तोड़कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी की जा रही थी।



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