On lines of Super-30, children are studying in open, smart classes are running on laptops in poor colonies.

उज्जैन में गरीब बस्तियों में बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है।
– फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार


उज्जैन शहर की गरीब बस्ती के बच्चों को एक सामाजिक संस्था द्वारा फिल्म सुपर 30 की तर्ज पर रोज फ्री ट्यूशन पढ़ाई जा रही है। संस्था द्वारा बच्चों को खुले आसमान के नीचे लैपटॉप के माध्यम से स्मार्ट क्लास का अनुभव कराया जा रहा है। संस्था को इस काम के लिए विदेशों से भी मदद मिल रही है, लेकिन उज्जैन नगर निगम से संस्था को कहीं एक स्थान की आवश्यकता है जहां बिठाकर बच्चों को पढ़ाई कराई जा सके।

उज्जैन की सुयश संस्था उन गरीब बच्चों को फ्री कोचिंग पढ़ा रही है, जिनके पास स्कूल जाने के लिए भी पैसा नहीं है। इस परोपकार में उज्जैन के साथ ही अमेरिका, फ़्रांस और दुबई के लोग भी मदद कर रहे हैं। रोजाना रात 7 से 8 बजे तक सयुश सेवा संस्था के लोग अलग-अलग कॉलोनियों में गरीब बच्चों के पास पहुंच जाते हैं और ना सिर्फ उन्हें किताबों से बल्कि लैपटॉप से भी स्मार्ट क्लास की तरह निशुल्क पढ़ाया जा रहा है। उज्जैन की मोतीबाग़, रेती घाट और काला पत्थर जैसी निचले इलाकों की कॉलोनियों के बच्चे लगातार स्कूल नहीं जा पाते हैं। उनके माता पिता मजदूरी करने जाते हैं ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चों का भविष्य ख़राब होने के डर से शहर की सुयश सेवा संस्था ने सभी बच्चों को फ्री में कोचिंग देने का मन बनाया है। 

पहली बार 2016 में इसकी शुरुआत की गई। सुयश सेवा संस्था के सचिव देवेंद्र पांचाल ने बताया कि शहर में कई संस्था अलग-अलग तरह से मानव सेवा भाव में जुटी हुई है। इसलिए हमने सोचा कि उन गरीब बच्चों के लिए स्कूल तो है, लेकिन स्कूल के बाद उन्हें कोचिंग नहीं मिल पाने की वजह से बच्चे पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। इसलिए हमने शहर की तीन कॉलोनियों को चिन्हित कर बच्चों को निशुल्क कोचिंग देना शुरू किया। संस्था वर्तमान में उज्जैन के मोती बाग़, रेती घाट और काला पत्थर में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को रोजाना एक घंटे शाम को 7 से 8 बजे तक कोचिंग दी जा रही है। बच्चों को पढ़ाने में देवेंद्र पांचाल, पद्मावती पांचाल सहित एक अन्य शिक्षिका भी शामिल है, जो रोजाना बच्चों को पढ़ाने उनकी कॉलोनी में जाती है। 

रोजाना 20 से 25 बच्चे कोचिंग लेकर अपना भविष्य बना रहे हैं। खास बात यह है कि इन बच्चों को लिए संस्था ने एक लैपटॉप भी ख़रीदा ताकि जब तक स्मार्ट क्लास का इंतजाम न हो तो लैपटॉप से बच्चों को पढ़ाया जाए। संस्था के सदस्य दिवाली-होली सहित अन्य त्यौहार बच्चों के साथ मनाते हैं। वे लोगों से आग्रह करते हैं कि आप भी अपना जन्मदिन इन बच्चों के साथ मनाएं साथ ही बच्चों के लिए ज्यादा नहीं तो सिर्फ 10 रुपये प्रतिदिन भी दे सकते हैं। संस्था ऐसी कोचिंग हर वार्ड में खोलना चाहती है, इसके लिए नगर निगम एक घंटे के लिए कहीं जगह उपलब्ध करवा दे या फिर अन्य कोई मदद कर दे तो  इस अभियान से कई बच्चे लाभान्वित होंगे।

 



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