Lok Sabha Elections 2024 Rise of BSP has dented Dalit votes of Congress Ram mandir

बसपा सुप्रीमो मायावती।
– फोटो : amar ujala

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दुविधाग्रस्त कांग्रेस के मुस्लिम वोट का ज्यादातर हिस्सा मुलायम झपट ले गए। बसपा के उभार ने कांग्रेस के दलित वोटों में सेंधमारी कर दी। अगड़ी और  गैर यादव पिछड़ी जातियों का ज्यादातर वोट राम मंदिर के कारण भाजपा के साथ लामबंद हो गया। 

बसपा नेता मायावती चार बार प्रदेश की मुख्यमंत्री भी  बनीं। तीन बार भाजपा के सहयोग से और एक बार अपने बलबूते। बदले समीकरण में मुलायम तीन बार मुख्यमंत्री बने। एक बार उनके पुत्र अखिलेश भी सीएम बने।

बीच में कुछ वर्षों के लिए भाजपा की लोकप्रियता में कुछ गिरावट दिखाई दी, तो लोगों को लगा कि राम मंदिर का असर कम हो रहा है। पर, शायद इसकी वजह भाजपा खुद थी। इसके पीछे शायद कारण था भाजपा के तत्कालीन नेतृत्व का मंदिर मुद्दे को कभी घोषणापत्र में शामिल करना और कभी बाहर रखना। आडवाणी के सोमनाथ से अयोध्या रथयात्रा के सारथी रहे नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यही साबित हो रहा है।

बदल गए दोस्त और दुश्मन : मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद वाराणसी, काठमांडू और केदारनाथ की यात्राओं से राजनीति को हिंदुत्व पर केंद्रित करना शुरू कर दिया। खासतौर पर 2019  में सर्वोच्च न्यायालय से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद उन्होंने जिस तरह देश की राजनीति और विदेशों के लिए देश की कूटनीति को राम के सरोकारों से भारतीयता एवं हिंदुत्व के रंगों से सराबोर किया, उसके निहितार्थ बहुत व्यापक हैं। 



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