Samiksha of Tikamgarh prepared Ayurvedic decoction after 6 years of research eliminate heart blockage

छात्रा द्वारा तैयार किया गया काढ़ा।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


टीकमगढ़ जिले की छात्रा का दावा है कि उसके बनाए काढ़े के तीन डोज में हार्ट के ब्लॉकेज खुल जाएंगे। यह दावा किया है शहर की एक छात्रा ने जिसने अपने 6 साल रिसर्च के बाद एक ऐसा आयुर्वेदिक काढ़ा बनाया है जो 15 दिन के तीन खुराक में हार्ट के ब्लॉक खोल देगा। छात्रा का कहना है कि उसने  हार्ट के मरीजों पर इसका प्रयोग किया है जिसके परिणाम पॉजिटिव आए हैं।

टीकमगढ़ शहर की गणेशपुरम कॉलोनी में रहने वाली समीक्षा सोनी बीएससी कर चुकी हैं। समीक्षा का परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी आयुर्वेद दवाई का कारोबार करता आ रहा है। उनके दादा राज बैध प्रगीलाल सोनी थे, जिनके हस्तलिखित आयुर्वेद के ग्रंथों पर 6 साल रिसर्च करने के बाद समीक्षा ने काढ़ा तैयार किया है, जो हार्ट ब्लॉकेज वाले मरीज को 15 दिन में तीन बार पिलाया जाता है। इससे ब्लॉकेज खुल जाते हैं।

समीक्षा ने बताया कि उसके दादा राजबेध थे। उनकी लिखित आयुर्वेद किताबों पर रिसर्च कर हर्बल काढ़ा बनाया है। इसमें किसी भी तरह की एलोपैथी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। जड़ी बूटियों से तैयार किए गए इस काढ़े की एक खुराक को हर 5 दिन बाद पीना है, जिससे 15 दिन में पूरे ब्लॉकेज खुल जाते हैं। 

भारत में तीन करोड़ से अधिक है हार्ट के मरीज 

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वर्तमान में 3 करोड़ से अधिक हार्ट के मरीज हैं, जो एलोपैथी पर जीवित हैं। छात्रा समीक्षा का कहना है कि हार्ट ब्लॉकेज  से लोगों को छुटकरा दिलाने के लिए उसने लगातार अध्ययन किया और दिन-रात मेहनत की है। कई रसायन को गलाने के लिए उसे 7-7 दिन तक जागना पड़ा, तब जाकर रिसर्च के परिणाम सामने आए हैं।

टीकमगढ़ में शासकीय सेवा से रिटायर्ड हुए आयुर्वेद के चिकित्सक डॉ महेश बुखारीया कहते हैं कि आयुर्वेद में इस तरह के फार्मूला है जो किसी भी तरह के ब्लॉकेज को खत्म कर सकते हैं। अगर, छात्रा ने रिसर्च करके फार्मूले पर काढ़ा बनाया है तो निश्चित ही इससे ब्लॉकेज समाप्त हो जाएंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *