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Notice to Gram Pradhan of Insauda and Nagla Maan

नोटिस जारी
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


हाथरस में ग्राम पंचायत इंसौदा व नगला मान के प्रधान को डीएम ने अनियमितता सामने आने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब किया है। पूर्व में डीपीआरओ को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिली थीं। डीपीआरओ ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। उनकी रिपोर्ट पर डीएम ने कार्रवाई की है। स्पष्टीकरण न देने की स्थिति में प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।

नोटिस में कहा गया है कि ग्राम पंचायत इंसौदा में पंचायत भवन निर्मित होने के उपरांत भी नियम विरुद्ध तरीके से ग्राम सचिवालय का संचालन अपने पति के भाई के घर से किया जाना पाया गया है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से व्यक्तिगत स्थल से व्यक्तिगत व्यक्ति के द्वारा अनियमित तरीके से भुगतान करना पाया है। किसी नियम में प्रधान पद के अधिकारों का निर्वहन करने के लिए अपने पति या किसी अन्य व्यक्ति को सौंपने का कोई प्राविधान नहीं है। ग्राम पंचायतों की बैठक का आयोजन न किया जाना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 13 जुलाई 2023 को उपलब्ध कराई गई धनराशि के सापेक्ष निरीक्षण तिथि तक वित्तीय प्रगति शून्य पाई गई।  

ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन आरआरसी सेंटर में पीला ईंट, चिनाई के लिए डस्ट एवं निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग पाया गया। इंसौदा में मोहर सिंह के घर से सतीश गौतम के घर तक इंटरलाकिंग व नाली निर्माण के कार्य में नियमानुसार निविदा प्रकाशन संबंधी कोई प्रपत्र पत्रावली में नहीं मिला। पंचायत भवन के लिए खरीदे गए फर्नीचर में नियमानुसार कुटेशन प्रक्रिया का पालन न किया जाना पाया गया। अन्य निर्माण कार्यों में भी कई अनियमितताएं सामने आई हैं। ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर क्रय की गई सामग्री के भुगतान में नियमानुसार जीएसटी, टीडीएस आदि की कटौती नहीं की गई।

ग्राम पंचायत नगला मान में जांच के दौरान अनियमितता पाई गईं। यहां ग्राम पंचायत में पंचायत भवन का निर्माण लगभग दो वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के उपरांत भी पूर्ण नहीं कराया गया। अस्थायी पंचायतघर बंद रहता है। ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 में कुल 33 कार्य लक्षित किए गए हैं, जिसमें सभी कार्य शुरू न होने की स्थिति में मिली। 

पंचायत भवन में प्लिंथ के ऊपर चार फीट ऊंचाई तक ही कार्य हुआ है, लेकिन तत्कालीन सचिव एवं प्रधान द्वारा निर्माणाधीन पंचायत भवन के छत स्तर तक का भुगतान संबंधित सप्लायर एवं श्रमिकों को कर दिया गया है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता है। प्रधान पति बृजभूषण अग्निहोत्री द्वारा सचिव के मना करने के उपरांत भी पंचायत भवन की परिसंपत्तियों जैसे कंप्यूटर सिस्टम, फर्नीचर, आदि समस्त सामग्री को जबरन अपने घर में अधिकृत कर लिया गया है। डीएम ने कहा कि इन बिंदुओं के आधार पर स्पष्टीकरण कार्यालय में उपलब्ध कराया जाए।

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