Ujjain News: Food Safety Department busted mixing of inedible color in red chilli powder

खाद्य विभाग की टीम ने मिर्च पाउडर के नमूने लेकर फैक्टरी को सील कर दिया है
– फोटो : अमर उजाला

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में कलेक्टर नीरज सिंह के निर्देश पर इन दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। रविवार की सुबह भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत दत्त शर्मा के साथ अधिकारियों की टीम कई दिनों से मिल रही एक शिकायत के बाद पिंगलेश्वर मार्ग पर स्थित मिर्ची के कारखाने पर छापेमारी करने पहुंची। जहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को निरीक्षण करने पर सब कुछ गोलमाल मिला। वहीं, मिर्च पाउडर में ऐसा रंग मिलाने की पुष्टि हुई है जो कि खाद्य पदार्थ के रूप में उपयोग में नहीं आता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिर्च पाउडर की नमूने लेकर इसे सील कर दिया।

 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने बताया कि पिंगलेश्वर मार्ग में लाल मिर्च पाउडर तैयार करने की जानकारी मिली थी। यहां टीम पहुंची तो पता चला कि यह कारखाना मोहित आहूजा का है। अन्य जांच करने पर कारखाने में सागर इंडस्ट्रीज के कलर की खाली थैलियां मिली हैं, जिन पर लिखा हुआ है कि यह रंग अखाद्य पदार्थ है। इन थैलियों के साथ ही मिर्च पाउडर के नमूने लेकर मैजिक बॉक्स से मिर्ची की गुणवत्ता की जांच करने के लिए परीक्षण किया। उसमें मिर्च पावडर में कलर मिले होने की पुष्टि हुई है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस फेक्टरी से 138 बैग खड़ी लाल मिर्च के मिले हैं, जो लगभग 25 कुंतल है। साथ ही छह कुंतल पीसी लाल मिर्च भी मिली है। सभी के नमूने लेकर भोपाल में परीक्षण के लिए भेजे गए है। उन्होंने बताया कि जब कारखाने के मालिक मोहित आहूजा से कारखाना संचालित करने का लाइसेंस मांगा गया था तो वह लाइसेंस नहीं दिखा पाए। इस आधार पर फिलहाल कारखाने को सील कर दिया गया है।

बताया जाता है कि मिलावटी मिर्च खाने के कारण कैंसर जैसी भयावह बीमारी भी हो जाती है। विशेष मामले में भोपाल भेजे गए मिर्च के नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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