Dr. Mohan Yadav reviewed the preparations for Vikramotsav and Vikram Trade Fair.

बैठक करते मुख्यमंत्र मोहन यादव।
– फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार


रीजनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेले की तैयारियों में और गति लाएं। किसी भी स्तर पर कोई भी कमी न रहे। सुनियोजित और सुव्यवस्थित ढंग से समस्त आयोजन किए जाएं। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से औद्योगिक विकास और निवेश में उज्जैन सहित पूरे प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को इसका लाभ मिले। ये बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के स्मार्ट सिटी कार्यालय में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कही।

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उक्त कार्यक्रमों के बेहतर आयोजन के लिए अन्य संभावनाएं भी तलाशें और उसे कार्यक्रम में शामिल करें। उन्होंने कहा कि कोठी पैलेस के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर पैलेस को स्वालंबी बनाएं, जिसमें कॉन्फ्रेंस, रूफटॉप रेस्टोरेंट, रेस्टोरेंट सहित और गतिविधियां संचालित की जा सके। इसमें नागरिकों के आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुविधाजनक पार्किंग व्यवस्था भी प्लान करें।

बैठक में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रमों की रूपरेखा के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान विधायक अनिल जैन कालूहेडा, विधायक सतीश मालवीय, प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, एमडी एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीना, नगर निगम आयुक्त आशीष पाठक, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश राठौर सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के आतिथ्य मे होंगे यह आयोजन

कलेक्टर सिंह ने बताया कि एक मार्च को प्रातः 10:30 बजे कालिदास अकादमी, उज्जैन में मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेला, विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण एवं वीर भारत संग्रहालय का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की सभी तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। उज्जैन विक्रम व्यापार मेले के संबंध में जानकारी देते हुए कलेक्टर सिंह ने बताया कि उज्जयनी विक्रम व्यापार मेले का मुख्य आकर्षण गैर परिवहन वाहनों तथा छोटे परिवहन वाहनों पर पंजीयन शुल्क एवं रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, विभिन्न कंपनियों के गैर परिवहन वाहनों एवं परिवहन वाहनों, गारमेन्टस एवं अन्य उपकरणों का उचित मूल्य पर विक्रय प्रदेश एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट व्यंजनों से संबंधित स्टॉल्स, सांस्कृतिक एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रम तथा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र और कुटीर एवं ग्रामोद्योग हेतु समर्पित स्थान हैं।

ऑटोमोबाइल्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फूड जोन लगाए जाएंगे

उज्जयनी विक्रम व्यापार मेले के अंतर्गत ऑटोमोबाइल्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फूड जोन का कार्यक्रम दशहरा मैदान, व्यवसायिक दुकानें, ऑटोमोबाइल्स झूला एवं फूड जोन पीजीबिटी मैदान तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम कालिदास अकादमी त्रिवेणी संग्रहालय एवं पॉलिटेक्निक मैदान में प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उज्जैन व्यापार मेला में भाग लेने वाले प्रमुख ऑटोमोबाइल्स इलेक्ट्रॉनिक्स भारत कंपनियों में प्रमुख रूप से महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हुंडई, यामाहा, किआ, नेक्सा, रॉयल एनफील्ड, हीरोहोंडा, सैमसंग, पैनासोनिक, एचपी, डेल मारुति सुजुकी इत्यादि प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। उन्होंने विक्रमोत्साव और रिजिनल इंडस्ट्री कॉनक्लेव के संबंध में भी जानकारी दी गई।

एक मार्च से होगा ‘उज्जैन इंवेस्टर्स समिट’ 

आगामी 1 और 2 मार्च को उज्जैन में भव्य स्तर पर इंवेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा। इस समिट और क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन के बारे में एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय के अन्तर्गत उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच और आगर-मालवा जिले आते हैं। हमारे क्षेत्र में कुल औद्योगिक क्षेत्र में से 11 विकसित हैं तथा सात विकासाधीन हैं। इसमें 997.44 हेक्टेयर का क्षेत्रफल विकसित हो चुका है तथा 1902.58 हेक्टेयर जमीन विकासाधीन है। उज्जैन में औद्योगिक विकास हेतु कुल 133.66 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है, जिसका ऑनलाइन अलॉटमेंट आने वाले दिनों में किया जायेगा। राठौर ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप इंवेस्टर्स समिट का आयोजन डी-सेंट्रलाईज्ड तरीके से किया जाएगा।

इस सम्मेलन में स्थानीय निवेशक भी शामिल होंगे। साथ ही नए उद्योगपतियों को भी उद्योग लगाने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। इस क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन में डेयरी, खाद्य पदार्थ, एग्रीकल्चर, फिल्म निर्माण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके अतिरिक्त मेडिकल डिवाइस और फार्मेसी के उद्योग भी यहां स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नागझिरी में समाचार-पत्रों की प्रिंटिंग प्रेस मशीन को स्थापित करने में क्लस्टर बनाए जाने पर योजना बनाई जाएगी। 

दो दिनों तक कुछ ऐसा होगा आयोजन

क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन का आयोजन एक और दो मार्च को शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के मैदान में किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यक्रम अनुसार प्रात: 9.30 बजे से पंजीयन प्रारम्भ होगा। इसके पश्चात इंजीनियरिंग महाविद्यालय के अवंतिका हॉल में प्रात: 10.30 बजे से उद्घाटन सत्र का आयोजन किया जायेगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे से एमएसएमई और स्टार्टअप, मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर पर सत्र आयोजित किये जाएंगे। दोपहर 1.45 बजे से 3 बजे तक महाविद्यालय के मालवा हॉल में उद्योगपतियों के साथ बैठक आयोजित की जायेगी। साथ ही शिप्रा हॉल में ‘बायर-सेलर मीट’ का आयोजन किया जायेगा। दो मार्च को प्रात: 10.30 बजे से ‘बायर-सेलर मीट’ का आयोजन व विषयगत सत्र का आयोजन किया जायेगा। इसके पश्चात अवंतिका हॉल में टूरिज्म पर धार्मिक पर्यटन पर फोकस और फिल्म निर्माण उपकरणों का प्रस्तुतिकरण दिया जायेगा। दोपहर 12 बजे से फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस के अवसर और चुनौतियों पर चर्चा सत्र का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात अवंतिका हॉल में दोपहर 1.30 बजे से समापन सत्र का आयोजन किया जाएगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *