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Gwalior: Showed fear of police checking, cheated two brothers, made them sit in the car in the name of help

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार


ग्वालियर जिले में एक बार फिर से पुलिस का खौफ दिखाकर ठगी की वारदात करने वाली गैंग ने एंट्री ली है। पुलिस चेकिंग का डर दिखाकर दो भाइयों से ठगी का मामला सामने आया है। मजदूर भाइयों के साथ करीब एक लाख रुपये की ठगी की गई। ठग कार पर ट्रैक्टर का नंबर लगाकर आए थे। रास्ते में चालक ने मजदूरों से कहा कि अगर रुपये हैं तो निकाल लें, चेकिंग में पुलिस रुपये पकड़ लेगी। फिर इनके रुपये निकलवार और कपड़े में रखवाए। जैसे ही रुपये दिए तो कुछ दूरी पर इन्हें धक्का देकर कार से उतार दिया। ठग रुपये लेकर भाग गए। इस मामले में पड़ाव थाना पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है, क्योंकि मजदूर बस स्टैंड तिराहे से ही कार में सवार हुए थे। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

दरअसल भिंड के रहने वाले रामहेत पुत्र विजय पाल सिंह कुशवाह और उसका भाई रामसिंह कुशवाह गजक बनाने का काम करते हैं। यह दोनों काम करने आगरा गए थे। आगरा से ट्रेन से शनिवार तड़के ग्वालियर आए। यहां से इन्हें भिंड जाना था, फिर काम के लिए भोपाल जाना था। दोनों के पास करीब 50-50 हजार रुपये रखे थे। बस स्टैंड के पास इन्हें सवारी ढूंढते हुए एक कार चालक मिला। कार में पहले से तीन युवक सवार थे। कार गोला का मंदिर चौराहे के पास पहुंची। तभी चालक बोला- यह सरकारी गाड़ी है, इसकी चेकिंग हो सकती है, इसलिए अगर कुछ रुपये या गहने हों तो बाहर निकाल लें। दोनों ने रुपये निकाल लिए। चालक ने कपड़ा दिया, उसमें रुपये रखवा लिए। कुछ दूरी पर गाड़ी रोकी और उतरने के लिए कहा। रुपये छीन लिए और कार से जबरन धक्का दे दिया। मारपीट कर कार लेकर आरोपी भाग गए। 

मजदूर इतने भयभीत हो गए कि दूसरी गाड़ी से भिंड चले गए। फिर अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। दोपहर में यह लोग लौटकर ग्वालियर आए, इसके बाद पड़ाव थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज की। पूरे मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का निरंजन शर्मा का कहना है कि मजदूर भाइयों के साथ ठगी करने वाले ठगों की तलाश की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे हैं, लेकिन कार का नंबर गलत निकला है। यह लोग जिस रूट पर भागे हैं, वहां के कैमरे देखे जा रहे हैं।

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