1327 non teaching temporary employees of AMU will be permanent

एएमयू विश्वविद्यालय
– फोटो : फाइल फोटो

विस्तार


अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की ईसी (एग्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक में 1327 गैर-शिक्षण अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने के प्रस्ताव पर 17 फरवरी को मुहर लग गई। करीब चार माह से धरनारत कर्मचारियों में इस फैसले के बाद खुशी की लहर दौड़ गई है। साढ़े पांच घंटे तक चली ईसी की बैठक में जेएन मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट व एसोसिएट प्रोफेसरों की पदोन्नति और अस्थायी शिक्षकों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाए जाने का भी निर्णय लिया गया है।

रजिस्ट्रार कार्यालय में दोपहर 12 बजे से कुलपति गुलरेज अहमद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक देर शाम तक चली, जिसमें पहला प्रस्ताव जेएन मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट व एसोसिएट को प्रोफेसर पद के लिए स्क्रीनिंग कमेटी के जरिये प्रोन्नत किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। प्रोन्नति के लिए 10 साल के अनुभव की शर्त है। दूसरा प्रस्ताव सेलेक्शन कमेटी द्वारा एएमयू में कार्यरत अस्थायी शिक्षकों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाए जाने का था। इन दोनों प्रस्तावों पर सदस्यों ने मुहर लगाई। 

इसके बाद तीसरा प्रस्ताव एएमयू के 1327 गैर-शिक्षण कर्मचारियों को स्थायी किए जाने का रखा गया। स्थायी करने की मांग को लेकर कर्मचारी करीब चार माह से धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। काफी देर तक ईसी सदस्यों ने विचार-विमर्श किया, जिसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसमें तय किया गया कि स्क्रीनिंग के बाद अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।  

इस बैठक में रजिस्ट्रार आईपीएस मो. इमरान, प्रो. मोहम्मद शमीम, डॉ. मुराद, डॉ. मुसब्बिबर, प्रोफेसर मोइनुद्दीन, प्रॉक्टर वसीम अली, एएमयू के विजिटर राष्ट्रपति के प्रतिनिधि प्रो. अशोक कदम, जेएनयू, प्रो. गीता सिंह, दिल्ली, राज्यपाल के प्रतिनिधि के रूप में केजीएमयू से प्रो. सोनकर, प्रो. बीडी खान, प्रिंसिपल तिब्बिया कॉलेज, डॉ. आरके तिवारी, प्रिंसिपल डेंटल कॉलेज, प्रो. नईमा गुलरेज, प्रिंसिपल वुमेंस कॉलेज, सीनियर प्राेवोस्ट प्रो. जीएस हाशमी आदि मौजूद थे। प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली ने बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगने की पुष्टि की है।

धरना स्थल पर खबर आने के बाद खुशी का इजहार

ईसी की बैठक में अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी किए जाने का फैसला लिए जाने के बाद प्रशासनिक कार्यालय के सामने चल रहे धरना स्थल पर कर्मचारियों ने खुशी का इजहार किया गया। इस दौरान तय किया गया कि बैठक के मिनट्स प्राप्त होने के बाद धरना खत्म किया जाएगा। कर्मचारी नेता फैसल गांधी ने बताया कि कुल 2583 कर्मचारी हैं, जिसमें 120 नर्सिंग स्टाफ भी है। मांग थी कि 15 सितंबर 2023 तक जिन कर्मचारियों को 10 साल हो चुके हैं, वह स्थायी किए जाने के पैनल में शामिल होंगे। इनके अलावा जो कर्मचारी रह जाएंगे, उनको आगे प्राथमिकता मिलेगी। अब  113 दिन से चल रहे धरने के बाद आज हमारी जीत हुई है, यह फैसला स्वागत योग्य है। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *