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कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि।
– फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

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विश्व वेटलैण्ड्स दिवस 2024 का इस वर्ष का मुख्य कार्यक्रम इंदौर के रामसर साइट सिरपुर में शुक्रवार को आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे विशेष अतिथि एवं रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोन्दा मुम्बा विशिष्ट अतिथि रहे।

 

कार्यक्रम में रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोन्दा मुम्बा ने कहा की मैं पहली बार भारत आई और मुझे इंदौर आने का मौका मिला। इंदौर आकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह बहुत प्यारा शहर है। भारत से दुनिया को सीखना चाहिए। कैसे प्रकृति संरक्षण किया जाता है। जल्द ही इंदौर वेटलैंड सिटी बनेगा। इंदौर वेटलैंड प्रोजेक्ट के तहत बहुत अच्छा काम कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा की 200 से ज्यादा देशों में सिर्फ भारत ही वह देश है भारत को माता कहता है। प्रकृति संरक्षण की शुरुआत हमारे धर्म से ही हो जाती है। समय के साथ हुए बदलावों ने हमारे तालाबों और जल स्रोतों को दूषित किया लेकिन अब नहीं जागे तो देर हो जाएगी।

 

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा की सिरपुर तालाब को जनसहयोग से संवारना चाहिए। हमारे धर्म में ही नदी, तालाबों और प्रकृति का विशेष महत्व बताया गया है।

 

इस कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पर्यावरण एवं वन मंत्री नागर सिंह चौहान, पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी एवं स्थानीय विधायक मालिनी गौड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों की भी उपस्थिति रही। सिरपुर में विश्व वेटलैण्ड्स दिवस के आयोजन के अवसर पर देश के सभी राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण के अधिकारी, वैज्ञानिक तथा देश की 80 रामसर साइट्स के प्रबंधक सहित 200 से अधिक विशेषज्ञ सम्मिलित हुए।

   

उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष 02 फरवरी को विश्व वेटलैण्ड्स दिवस मनाया जाता है। इस दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में तालाबों को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। उक्त दिवस को उत्साह और तालाबों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से ये दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व वेटलैण्ड्स दिवस की थीम ‘‘Wetlands and Human Wellbeing’’है । इसका मुख्य उद्देश्य इस बात को रेखांकित करना है कि तालाबों का संरक्षण और मनुष्यों का कल्याण दोनों का अंर्तसंबंध हैं एवं ये दोनों परस्पर एक दूसरे पर निर्भर हैं। भारत में तालाबों को बचाने की एक बहुत ही समृद्ध परंपरा रही है और देश के सभी भागों में प्राकृतिक और मानव निर्मित जल संरचनाएं, तालाब, सरोवर, सागर स्थित हैं जो युगों से मनुष्यों एवं अन्य जीवितों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान कर रहें हैं। मध्य प्रदेश में इनकी संख्या लगभग 15000 से अधिक है। राज्य शासन द्वारा तालाबों को बचाने के लिए अनेक उपाय किए जा रहे हैं जिनमें प्रमुखत: विगत 02 वर्षों में रामसर साइट्स की संख्या एक से बढ़कर चार हो गई है।  

   

विश्व वेटलैण्ड्स दिवस 2024 कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय,भारत सरकार, सह आयोजक, म. प्र. राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, म. प्र. शासन तथा नगर पालिक निगम, इन्दौर के सक्रिय सहयोग से किया गया। इस अवसर पर देश के वेटलैण्ड के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों एवं वेटलैण्ड से प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के पदार्थों एवं उत्पादों के संबंध में एक रोचक प्रदर्शनी भी लगाई गई। सभी अतिथिगण सिरपुर में पक्षी दर्शन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इसके पश्चात् प्रदर्शनी के उद्घाटन एवं मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए।



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