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ताजनगरी आगरा के राजकीय बाल गृह में निरुद्ध बालिका पर दावा करने वाले ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी नितिन गर्ग और उनकी पत्नी रिचा ने डीएनए मैच नहीं करने की रिपोर्ट के बाद यू टर्न ले लिया। कहा कि उन्होंने बालिका पर अपना दावा प्रस्तुत नहीं किया था। उन्हें तो संस्था ने बुलाकर दावा करने के लिए कहा था। संस्था ने ही डीएनए टेस्ट के लिए प्रार्थना पत्र लिखवाया और इसकी फीस भी जमा करवाई।

नितिन गर्ग ने जारी किए वीडियो में कहा है कि उनके पास संस्था से कॉल आई थी। कहा कि आपकी बच्ची मिसिंग हुई थी। एक बच्ची मिली है। उसे आकर देख लें। इसके बाद वह संस्था के पदाधिकारियों से मिले तो उन्होंने राजकीय बाल गृह में निरुद्ध बालिका पर अपना दावा प्रस्तुत करने के लिए प्रार्थनापत्र लिखवाया। साथ ही उनकी बच्ची की मिसिंग की रिपोर्ट की प्रति लगाने को कहा था। 22 नवंबर 2023 को दोबारा संस्था से बुलाया गया। 

कहा गया कि आपका डीएनए टेस्ट होगा। इसके लिए उन्होंने प्रार्थनापत्र लिखवाया था। दावा करने वाले नितिन की पत्नी रिचा ने कहा कि उन्हें बच्ची के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। केवल अखबारों में पढ़ा था। उस बच्ची की फोटो जब दिखाई गई तो उन्हें अपनी बेटी होने का कोई अहसास नहीं हुआ। वह बच्ची उनकी बेटी से उम्र में भी बड़ी नजर आई थी। उन्होंने इस संबंध में अपनी ओर से कोई दावा नहीं किया था। यह सब संस्था ने करवाया है।



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