संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) कार्यक्रम के अंतर्गत एक से 19 वर्ष तक के 5.71 लाख बच्चों व युवाओं को एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ एक फरवरी को सुबह 10 बजे गोविंदनगर स्थित प्रशांति विद्या मंदिर से होगा।

सीएमओ डॉ. इम्तियाज अहमद ने बताया कि सरकारी स्कूलों, निजी विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। एल्बेंडाजोल कृमि नाशक है। इस दवा का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। खाली पेट दवा नहीं खानी है। डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि एक से दो साल के बच्चों को टैबलेट का चूरा कर पानी के साथ खिलाया जाएगा। बड़े बच्चों को दवा चबाकर खानी है। बीमार बच्चों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। यदि किसी उल्टी या मिचली महसूस होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। पेट में कीड़े ज्यादा होने पर दवा खाने के बाद सिरदर्द, उल्टी, मिचली, थकान होना या चक्कर आना एक सामान्य प्रक्रिया है। थोड़ी देर बाद सब सही हो जाता है।

आरबीएसके डीईआईसी मैनेजर डाॅ. सुखदेव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग समेत आईसीडीएस और शिक्षा विभाग का भी सहयोग रहेगा। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक गणेश ने बताया कि 1025 आशा, 1124 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व फ्रंट लाइन वर्करों की मदद से एक वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। दवा आशा व आगंनबाड़ी कार्यकर्ता के सामने ही बच्चों को खिलानी है।

ये हैं कृमि संक्रमण के लक्षण

-बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाना।

-बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी हो जाती है।

-थकान महसूस करना।

– बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होना।

इस तरह करें कृमि संक्रमण से बचाव

– घरों के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखें।

– नाखून साफ और छोटे रखें।

– साफ और स्वच्छ पानी ही पियें।

– खाने को ढंककर रखें।

– साफ पानी से फल व सब्जियों को धोएं।

– खाने से पहले और शौच जाने के बाद अपने हाथ साबुन से धोएं।

– खुले में शौच न करें, हमेशा शौचालय का प्रयोग करें।

– जूते पहनें, नंगे पैर न घूमें।

– आसपास सफाई रखें।



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