Rambhadracharya Ram Katha started in Ladpur Hathras

रामकथा सुनाते रामभद्राचार्य
– फोटो : संवाद

विस्तार


हाथरस के निकटवर्ती गांव लाड़पुर में मशहूर रामकथा मर्मज्ञ रामभद्राचार्य की रामकथा का 25 जनवरी से श्रीगणेश हो गया। पहले दिन 1100 कलशों की यात्रा निकाली गई। सिर पर कलश लेकर कतारबद्ध होकर निकलीं पीत वस्त्रधारी महिलाओं ने वैदिक काल की तस्वीर साकार कर दी। मुख्य यजमान की ओर से व्यासपीठ पर श्रीरामचरित मानस ग्रंथ व स्वामी रामभद्राचार्य का पूजन किया गया। इसके साथ ही कथा प्रवचन आरंभ हो गया।

आते हुए रामभद्राचार्य

सुबह चित्रकूट धाम से श्रीतुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्रीरामभद्राचार्यजी महाराज का आगमन हुआ। इसके बाद गांव लाड़पुर के केशवदेव भगवान के मंदिर से 1100 कलशों की यात्रा शुरू हुई। गांव की 1100 महिला व बेटियों ने सिर पर कलश रखकर गांव के बाजार व गलियों में भ्रमण करते हुए कथा स्थल पर पहुंची। बैंड बाजों के साथ निकली इस कलश यात्रा में राम भक्तों की भीड़ रही। बार-बार जय श्रीराम के नारे लगाए जाते रहे। कथा स्थल पर पहुंचने के बाद श्रीराम कथा की स्थापना की गई। मुख्य यजमान अजय कुमार गुप्ता ने मय परिवार के पूजन किया। इस दौरान हजारों की संख्या में रामभक्त स्वामी श्रीरामभद्राचार्यजी के दर्शन के लिए आतुर दिखे।

कलश यात्रा

व्यासपीठ से शाम लगभग छह बजे श्रीरामभद्राचार्यजी ने राम चरितमानस की कथा को सुनाया। उन्होंने तुलसीदास की ओर से शिव के आठ  चरित्रों के वर्णन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने शिव के आठ चरित्रों का वर्णन 56 दोहों में करना चाहा है। उन्होंने सीता जी की आठ सखियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि राधाजी की भी आठ सखियां हैं। उन्होंने रामचरितमानस व रामकथा की महत्ता का भी गुणगान किया। भगवान श्रीराम की असीमित छवियों की कथा सुनाई। 

आयोजन के पहले दिन कार्यक्रम में एलएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य चौधरी बोधपाल सिंह, दिनेश चौधरी, अधिवक्ता संजय चौधरी, जितेंद्र चौधरी, अमिवी राना, अजय चौधरी, कप्तान सिंह ठेनुआं, रामवीर सिंह भैयाजी, चौधरी रामकुमार वर्मा, वीरेश, रविकांत जोशी, नरेश ठाकुर, मनोज अग्निहोत्री, बृजेश वशिष्ठ, शरद, कृष्ण गोपाल, टिंकू राना, मुनेंद्र, राजेश वार्ष्णेय, अनिल वार्ष्णेय, गौरव प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।

राम मंदिर मॉडल

हनुमान जी की झांकी रही आकर्षण का केंद्र 

कलश यात्रा के दौरान कई धार्मिक झांकियों को भी यात्रा में शामिल किया गया। इसमें हनुमान जी की दो झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों में हनुमंत लाल के अद्भुत रूप को देखने वाले भाव विभोर हो गए।



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