Foundation day of Amar Ujala Unit in Aligarh

अमर उजाला
– फोटो : सोशल मीडिया

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राष्ट्रीय राजधानी से सटा ताला-तालीम के लिए पहचान रखने वाला हमारा शहर लगातार विकास यात्रा और उन्नति के पथ पर अग्रसर है। सच, ऊर्जा, उत्साह और सपनों से लबरेज गांव-गांव और कस्बे-कस्बे पाठकों के दिलों में अमिट छाप बनाने वाला ‘अमर उजाला’ अलीगढ़ संस्करण अपनी 17वीं वर्षगांठ मना रहा है। 

सुलहकुल की नगरी के रूप में विख्यात अलीगढ़ और ‘अमर उजाला’ प्रगति पथ पर एक साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़ रहे हे हैं। डेढ़ दशक की इस विकास गाथा का परिणाम है कि एक तरफ हमारा अलीगढ़ स्मार्ट हो रहा है। ‘अमर उजाला’ शहर की समस्याओं को नुमाया करने, पुलिस प्रशासन और जनता के बीच तालमेल, प्रतिभाओं के प्रोत्साहन करने की शानदार इबारत लिखते हुए पाठकों के दिलों में शीर्ष पर जगह बनाए हुए है।

अलीगढ़ के इतिहास पर गौर करें तो कई साम्राज्यों के अधीन रह चुके इस शहर में हर धर्म का अपना अलग महत्व है। हिंदू ईद पर मुस्लिमों के घर सेंवई खाने जाते हैं और मुस्लिम दीपावली पर हिंदुओं के घर मिठाई खाने आते हैं। कारोबारी अर्थव्यवस्था भी एक दूसरे के कंधों पर टिकी हुई है। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो सुलहकुल की इस नगरी का सफर बेहद सुहाना रहा है। शहर के इतिहास में एक हजार करोड़ से स्मार्ट सिटी की स्थापना का नया अध्याय जुड़ा। जो नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। 

अब धनीपुर एयरपोर्ट, राजा महेंद्र प्रताप विवि, डिफेंस कॉरिडोर भी इस शहर की पहचान में चार-चांद लगाएंगे। जानदार व शानदार शख्सियतों, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक व धार्मिक धरोहरों से भरे पड़े हमारे शहर को यहां के ताले और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की तालीम ने देश दुनिया में शहर को पहचान दिलाई है। लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर हमारा शहर अब नई दिशा में बढ़ने जा रहा है। 



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