Ayodhya Ram Mandir Read journey from struggle of Ayodhya to today s glory

Ram Mandir Ayodhya
– फोटो : अमर उजाला

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मैं (अयोध्या) उत्साहित और आनंदित हूं। मेरे प्रभु श्रीराम अपने जन्मस्थान पर बने दिव्य दरबार में वर्षों की प्रतीक्षा के बाद विराजित हो जाएंगे। कल यानी सोमवार को रामलला की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसी के साथ अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े पांच सदी पुराने विवाद और संघर्ष कहानी बनकर रह जाएंगे। खुशी इस बात की है कि मैंने महाराजा दशरथ के शासन को देखा। उनके काल की विरासत और संस्कृति मेरी धमनियों में आज भी बहती है। राजा दशरथ के चारों पुत्रों ने मेरी धरती पर पैर रखकर मुझे धन्य कर दिया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के शासन को, लक्ष्मी स्वरूप मां सीता को धरती में विलीन होते भी। आज प्रभु श्रीराम का एक बार फिर अयोध्या में पुर्नआगमन हो रहा तब इस आनंद के क्षण में भी मेरा दिल बीच-बीच में उदास हो जाता है। क्योंकि इतिहास में कई ऐसे मौके आए जब मेरी छाती को छलनी किया गया, कभी विदेशी आक्रांताओं ने तो कभी ही आपसी मतभेद में अयोध्यावासियों ने। आज मैं जितनी खुशहाल और विकसित दिखती हूं, यह सब कुछ वर्षों में ही संभव हुआ है। एक समय ऐसा भी था जब रामलला टेंट-तिरपाल में पूजे जाते थे। आइए जानते हैं अयोध्या के संघर्ष से आज के वैभव तक की यात्रा।



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