UP: Action against Inspector in student case, accused of molestation in custody, Police deployed in area

छात्रा की आत्महत्या के बाद मंडी धनौरा में तैनात पुलिस
– फोटो : संवाद

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मंडी धनौरा में छेड़छाड़ से आहत होकर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका की मां ने आरोप लगाए थे कि पुलिस से छेड़छाड़ की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने लापरवाही बरतने पर इंस्पेक्टर का तबादला कर दिया।

उनके स्थान पर रविंद्र प्रताप सिंह को भेजा गया है। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है। क्षेत्र के गांव में छेड़छाड़ से परेशान होकर मंगलवार शाम हाईस्कूल की छात्रा ने गढ़वाल एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी थी। बेटी की मौत के बाद मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे।

उनका आरोप था कि उनके मकान के पास रहने वाला एक युवक उनकी बेटी को परेशान करता था। बेटी जिले के एक आवासीय विद्यालय में पढ़ती थी। जब भी वह यहां आती थी तो युवक उसका पीछा करते हुए छेड़खानी करता था। इस मामले की शिकायत थाने में तहरीर देकर की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

पांच दिन पहले बेटी छात्रावास से घर आई थी, लेकिन युवक के डर से वह बाहर नहीं जा पा रही थी। उनका कहना था कि युवक की हरकत और पुलिस की अनदेखी से परेशान होकर बेटी ने यह कदम उठाया था। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार त्यागी ने भी घटना को लेकर शुरुआत में अधिकारियों को हादसा बताया था, लेकिन मामला छेड़छाड़ का निकला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने धनौरा इंस्पेक्टर अरविंद त्यागी का तबादला प्रभारी अपराध शाखा के लिए कर दिया। जबकि पुलिस लाइन से रविंद्र प्रताप सिंह को धनौरा का प्रभार दिया है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल दो युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। 

मृतक छात्रा की मां के आरोपों के बाद बैकफुट पर आई पुलिस रात भर पीड़िता के घर के आसपास जमी रही। कई पुलिस वाले सादे कपड़ों में छात्रा के घर बाहर खड़े होकर आने जाने वाले नजर रख रहे थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।

मीडिया के लोगों के पीड़िता के घर पहुंचने पर सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मी तत्काल उसकी सूचना अधिकारियों को दे रहे थे। पुलिस को डर था कि छात्रा की मौत का मामला राजनीतिक रंग ले सकता है। छात्रा के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। सीओ ने भी दिन में कई बार गांव का दौरा किया।

 



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