Amroha: Those who shot teacher caught, female teacher also included among accused

गजरौला पुलिसस की हिरासत में आरोपी महिला शिक्षिका
– फोटो : संवाद

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गजरौला में एक जनवरी को मंडी समिति में शिक्षक को गोली मारने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि शिक्षिका ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिया था। घटना के पीछे उसकी मंशा थी कि पति नामजद होने पर वह मध्यस्थता की भूमिका निभाएगी। शिक्षिका के ससुराल वाले यह समझते थे कि वह शिक्षक से बात करती है।

पुलिस ने शिक्षिका और गोली मारने वाले आरोपी के साथ रहे अधेड़ को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि एक जनवरी की शाम को अतरपुरा निवासी नागेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके तहेरे भाई शिक्षक नरेंद्र सिंह को सुबह नौ बजे चादर ओढ़ कर आए बदमाशों ने गोली मार दी।

जिस पर रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव चांदनगर निवासी संजीव उसके भाई महावीर, दीपांशु, संजीव के बेटे अमन व रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी अजय गोपाल के खिलाफ जानलेवा हमला करने और साजिश रचने की रिपोर्ट दर्ज की। घटना के दिन से ही पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही थी।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस बीच सामने आया कि बछरायूं थाना क्षेत्र के ढकिया भूड़ गांव निवासी शिक्षिका रश्मि की घटना को अंजाम दिलाने में अहम भूमिका है। उसने दो लाख रुपये की सुपारी देकर शिक्षक को गोली मरवाई। पुलिस ने बुधवार को भानपुर फाटक से रश्मि व रजबपुर थाना क्षेत्र के काफूरपुर निवासी गजराज को गिरफ्तार कर पूछताछ की।

उसने वारदात को अंजाम देना कबूल किया। गजराज ने पुलिस को बताया कि वह घटना के दौरान गोली मारने वाले अमरपाल निवासी अक्खा नगला के साथ था। उसके हिस्से में 50 हजार रुपये आए थे। गजराज से पुलिस ने 15 हजार रुपये व रश्मि से दो मोबाइल फोन बरामद किए।

सीओ ने बताया कि दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है। गोली मारने वाले आरोपी अमरपाल, बाइक चला रहे विनीत व सहयोग कर रहे नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव अक्खा नगला निवासी संजीव की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। 

 

पुलिस के अनुसार रश्मि की शादी रजबपुर थाना क्षेत्र के चांदनगर गांव निवासी अमन उर्फ रमनदीप के साथ हुई थी। बीते साल रश्मि ने अपने पति के खिलाफ गर्भपात कराने, ससुर संजीव, चचेरे ससुर महावीर, चचेरा देवर दियांशु के खिलाफ दहेज के लिए उत्पीड़न करने, जान से मारने की धमकी देने सहित कई धाराओं में केस दर्ज कराया था।

पति और उसके परिवार वाले यह समझते थे कि वह शिक्षक नरेंद्र सिंह से बात करती है। ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के कारण उसकी गृहस्थी बिगड़ रही थी। जिसका कारण वह शिक्षक नरेंद्र सिंह को समझती थी। शिक्षक से उसके पति कहासुनी हो चुकी थी।

उसने यही सोच कर वारदात को अंजाम दिलाया कि शिक्षक को गोली मारने में उसके पति और अन्य फंस जाएंगे। बाद में समाज के लोग समझौता कराएंगे तो वह मध्यस्थता की भूमिका निभाएगी। मामला खत्म करने के लिए वह पति पर अपने साथ ले जाने का दबाव बनाएगी।

 



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