Indore: Sewerage line laid in front, treatment plant built two and a half kilometers behind, how will Shipra b

ट्रीटमेंट प्लांट के आगे तक बिछा रखे है पाइप।
– फोटो : amar ujala digital

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सिंहस्थ के पहले शिप्रा नदी को साफ करने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तीन जिलों के कलेक्टरों को जिम्मेदारी दी है। अब तक इंदौर और उज्जैन शहर शिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर चुके है, फिर भी शिप्रा में गंदा और बदबूदार पानी बहता है।

शिप्रा को सबसे ज्यादा प्रदूषित करने वाली कान्ह नदी इंदौर से बहती है। इंदौर मे कान्ह नदी के शुद्धिकरण में अफसरों की अदूरदर्शिता अौर लापरवाही का खामियाजा सरकार को झेलना पड़ रहा है। कान्ह नदी को शुद्ध करने के लिए 200 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट ही गलत जगह बन गया अौर अब शहर के एक हिस्से के सीवरेज को लिफ्ट कर ट्रीटमेंट तक लाया जाता है।



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