Indore News: Door to door garbage collection and segregation was the turning point of Surat, equalized with In

देश के सबसे साफ शहरों में इंदौर के साथ सूरत।
– फोटो : amar ujala digital

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पिछली स्वच्छता रैंकिंग मेें काफी कम अंकों से पिछड़े सूरत ने इस बार अपनी कमजोरी को ताकत बनाया और इंदौर के करीब आ चुका है। पिछली बार गारबेज फ्री सिटी मेें सूरत की फाइव स्टार रेंटिंग थी। तमाम कोशिशों के बावजूद सूरत के नागरिकों में सफाई को लेकर जागरुकता नहीं थी। इस बार डोर टू डोर कचरा संग्रहण, छह तरीके से कचरा संग्रहण में न केवल सूरत ने ज्यादा अंक हासिल किए, बल्कि सेवन स्टार रेटिंग भी हासिल कर ली।

दिल्ली से स्वच्छता ट्राफी लेकर आए मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने आठवीं बार फिर स्वच्छता रैंकिंग में पहले नंबर पर आने की बात कही,लेकिन इस साल भी इंदौर को सूरत बराबरी की टक्कर देगा और हमें सफाई में नवाचार करना होंगे।

इस साल की स्वच्छ भारत मिशन ने वेस्ट टू वेल्थ की थीम रखी है। इंदौर में अभी नाले प्रदूषित है और सफाई व्यवस्था में भी बीते साल सालों की तुलना में कभी आई है।

रहवासी संघों को गोद लेकर बनाया सफाई को जनआंदोलन

इंदौर के साथ स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर आने वाले सूरत के मेयर दक्षेश मवानी ने अमर उजाला से विशेष चर्चा की और बताया कि किस तरह सूरत ने इंदौर की बराबरी की। दक्षेश ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग के लिए सबसे पहला कदम हमारा कमजोर रहता था। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और सेग्रीगेशन में लोगों की जागरुकता की कमी के कारण सूरत बेहतर नहीं कर पाता था।

पिछले साल हमने सूरत के कुल 30 वार्डों के रहवासी संघों को पार्षद और अफसरों को गोद दिया और वहां लगातार बैठकें जागरुकता रैलियों से सफाई को जन आंदोलन बनाया। पिछली बार सूरत की गाबेज फ्री सिटी मेें फाइव स्टार रेटिंग थी, इस बार सेवन स्टार रेटिंग हासिल की।

छह तरीके से कचरा कलेक्शन में सूरत ने इंदौर से ज्यादा अंक पाए। इंदौर को इस श्रेणी में 98.13 प्रतिशत रहा तो सूरत ने 98.38 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। गार्बेज फ्री सिटी में दोनो शहरों की सेवन स्टार रेटिंग प्राप्त की। सूरत मेयर दक्षेश का कहना है कि हमने कचरे के लिए रिसायकल, रियूज के लिए हमने प्लांट लगाए है। गिले कचरे से सीएनची का प्लांट इस साल शुरू हो जाएगा। इस साल भी स्वच्छता रैंकिंग में हमारा दावा मजबूत रहेगा।

इस तरह इंदौर से की सूरत ने बराबरी

-इंदौर की तरह जीरो डस्टबिन सिटी बनाया, कचरा सड़कों पर नजर नहीं आता।

– सूरत में भी इंदौर की तरह अलग-अलग छह तरीके से कचरा संग्रहित होता है और सीधे प्रोसेसिंग प्लांट तक जाता है।

– शहर की सड़कों, चौराहों पर वाल पेटिंग, सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सफाई होती है।

– कचरे के रियूज के लिए अलग-अलग प्लांट लगाए गए है।



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