उरई। दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए नाबालिगों के साथ दुष्कर्म के मामलों में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट मोहम्मद कमर ने दोनों दोषियों को 20-20 वर्ष की सजा सुनाई।

साथ ही अर्थदंड भी लगाया, जमा न करने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा होगी।

शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया की रामपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित पिता ने थाना पुलिस को 15 मार्च 2017 को तहरीर दी थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि गांव के सुरजीत व उसके भाई जंगबहादुर ने उसकी 16 वर्षीय बेटी से स्कूल के पीछे ले जाकर दुष्कर्म किया। न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था।

जिरह व गवाहों के आधार पर सुरजीत को दोषमुक्त व आरोपी जंगबहादुर को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया गया था। उसे 20 साल की सजा सुनाई गई और 45 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

वहीं, दूसरे मामले में कदौरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित बाबा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि चार जनवरी 2013 को उसकी 15 वर्षीय नातिन को गांव के ही मंगल सिंह, उसके पिता, मां और मामा यह कहकर ले गए की उसकी मां बुला रही है। आरोपी मंगल सिंह ने मौका पाकर किशोरी के साथ गलत काम किया।

कदौरा पुलिस ने कोर्ट में मंगल सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में मंगल सिंह दोषी पाया गया, जबकि उसके माता पिता व मामा को दोषमुक्त कर दिया गया। दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया गया।



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