उरई। यूपी बोर्ड की परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों को एक और परीक्षा देनी पड़ सकती है। जिले के 40,283 परीक्षार्थियों के लिए 59 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र की सूची में शामिल किया गया है।

उनमें एक दर्जन से ज्यादा वे विद्यालय हैं, जिसमें छात्र-छात्राओं को दूरी की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। स्कूल संचालकों ने इन समस्याओं समेत 71 आपत्तियां डाली हैं। अब इस पर विचार किया जा रहा है।

फरवरी 2024 में बोर्ड की परीक्षा को लेकर तैयारी चल रही है। जिले से हाईस्कूल में 21,247 और इंटरमीडिएट में 19,037 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। शिक्षा विभाग को उससे पहले परीक्षा केंद्र निर्धारित करने हैं। जिले में सरकरी, निजी मिलाकर कुल 237 विद्यालय हैं। इनमें 59 विद्यालयों को प्रयागराज बोर्ड की ओर से चिन्हित किया गया। इन विद्यालयों को लेकर जिला स्तर पर आपत्तियां मांगी गईं हैं।

डीआईओएस राजकुमार पंडित ने बताया कि सोमवार को उन आपत्तियों पर विचार किया गया, अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। रिपोर्ट प्रयागराज भेजी जाएगी।

पिछले साल के मुकाबले परीक्षा केंद्रों की सूची में 15 विद्यालय कम है। इस बार की सूची में 12 राजकीय, 39 सहायता प्राप्त, आठ वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। 28 नवंबर तक आपत्तियां मांगी गई थी, अब आपत्तियों के साथ सूची फिर प्रयागराज भेजी जाएगी।

बाल भारती इंटर कॉलेज उरई और आदर्श विद्यापीठ इंटर कॉलेज कुठौंद के संचालक ने आपत्ति दर्ज की। बताया कि उनके विद्यालय में पिछले साल परीक्षा केंद्र था। इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने सूची में शामिल करने की मांग की।

राजकीय हाईस्कूल लगामपुरा के परीक्षार्थियों के लिए 50 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र बनाया। इसका केंद्र एसवीएम इंटर कॉलेज सामी को बनाया गया है। आपत्तियां आई हैं।

रसकेंद्री देवी इंटर कॉलेज ऊमरी का परीक्षा केंद्र 20 किलोमीटर दूर बना दिया गया है। इसका केंद्र जवाहर इंटर कॉलेज गोहन बनाया गया है। इस पर भी आपत्तियां आई हैं।

लक्ष्मीनारायण हाईस्कूल सहाव और राजकीय हाईस्कूल अजीतापुर के प्रधानाचार्य ने विद्यालय में बाउंड्रीवॉल और अन्य समस्याओं को लेकर विद्यालय को परीक्षा केंद्र सूची से हटाने की बात कही है।



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