ईको टूरिज्म के तहत तालाब पर कराए जाएंगे कई काम, पर्यटन विकास से क्षेत्रीय लोगों को रोजगार के साधन होंगे उपलब्ध

संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। जनपद के तालबेहट स्थित प्राचीन मानसरोवर तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में 1.26 करोड़ रुपये से विकसित किया जाएगा। इसके लिए शासन ने कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया है। जल्द ही संस्था काम शुरू करेगी।

शासन बुंदेलखंड में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। जिला प्रशासन भी इसको लेकर सजग है। इसके तहत अब जनपद के तालबेहट मानसरोवर तालाब के स्वरूप को निखारने की कवायद तेज हो गई है। यह तालाब काफी प्राचीन है। ग्राम सभा खांदी अंतर्गत आता है। इसे रामसरोवर झील के नाम से भी जाना जाता है। तालाब के बांध पर प्राचीन शिव मंदिर सहित अन्य मंदिर हैं जो कि लोगों की आस्था के केंद्र हैं। इस प्राचीन मानसरोवर तालाब को ईको टूरिज्म के तहत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन स्तर पर भेजी गई थी। नवीन पर्यटन विकास कार्य के तहत यहां पर पेजयल के लिए प्याऊ, पर्यटकों को बैठने के लिए बेंच-कुर्सी, रोशनी के लिए सोलर लाइट, महिला-पुरुष शौचालय, भ्रमण पाथ-वे, कैफे एरिया, खुला मैदान, तालाब के पास व्यू प्वाइंट और दुकानें बनाई जानी प्रस्तावित की गई थीं। शासन ने 1.26 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्यदायी संस्था को नामित कर दिया है। मानसरोवर तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो जाने से यहां बाहर से पर्यटक आएंगे। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की संभावना प्रबल रहेगी।

जिलाधिकारी के निर्देश पर तालबेहट के मानसरोवर तालाब को इको टूरिज्म के तहत पर्यटन स्थल बनाने का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। यहां पर 1.26 करोड़ रुपये से विभिन्न विकास के काम किए जाएंगे। मानसरोवर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो जाने से यहां पर पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

हेमलता, पर्यटक अधिकारी/ सचिव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद



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