MP Election: Congress won eight times and other parties including BJP six times from Indore-3 seat.

MP Election 2023
– फोटो : अमर उजाला

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होलकर राजवंश के इतिहास की शुरुआत या आरंभ का स्थान रहा जूनी इंदौर, शहर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 का एक हिस्सा है। विधानसभा के पहले चुनाव में मध्य भारत का विधानसभा क्षेत्र रहा इंदौर-3, अलग-अलग नामों से जाना जाता रहा है। यह सीट आरंभ से कांग्रेस के वर्चस्व की सीट रही। 1957 और 1962 में कांग्रेस के नेता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मिश्रीलाल गंगवाल यहां से विजयी रहे थे। 1957 में जनसंघ के उत्सवचंद पोरवाल और 62 में पुरुषोतम विजय, जो निर्दलीय मैदान में थे, चुनाव हार गए थे। पुरुषोतम विजय डी. पी. मिश्रा के करीबी थी, उन्हें कांग्रेस ने टिकट का ऑफर दिया था, पर वे चुनाव में स्वतंत्र खड़े हुए थे।

1967 में सोशलिस्ट पार्टी के कल्याण जैन ने कांग्रेस और नगर के दबंग नेता सुरेश सेठ को पराजित किया था। 1972 में युवा कांग्रेसी और नर्मदा आंदोलन के कार्यकर्ता रहे चंद्रप्रभाष शेखर ने कल्याण जैन को हरा दिया था। 1977 की लहर में कांग्रेस का यह किला भी ढह गया और जनता पार्टी के राजेंद्र धारकर ने नारायण प्रसाद शुक्ला को पराजित कर दिया था।

1980 और 1985 में कद्दावर कांग्रेस नेता महेश जोशी यहां से विजयी रहे। उन्होंने राजेंद्र धारकर और सुमित्रा महाजन को पराजित किया था। बाद में सुमित्रा महाजन इंदौर लोकसभा से आठ बार सांसद चुनी गईं और लोकसभा स्पीकर के पद का दायित्व निभाया। 1990 में इंदौर-3 का चुनाव बेहद रोचक रहा था। कांग्रेस के महेश जोशी के सामने भाजपा के युवा छात्र नेता गोपीकृष्ण नीमा (गोपी नीमा) मैदान में थे।

इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 का रोचक इतिहास

1989 के दंगे में बदला चुनावी परिदृश्य

1989 में इंदौर में हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद चुनावी परिदृश्य कुछ बदल गया था और मोहनपुरा (बॉम्बे बाजार) निवासी इकबाल उर्फ बाला बेग जनता दल से चुनाव मैदान में उतरे। इससे कांग्रेस का वोट गणित गड़बड़ा गया। बाला बेग को 12,123 मत मिले और भाजपा के नीमा 4,193 मतों से विजयी हो गए थे। 1993 में गोपीकृष्ण नीमा पुनः विजयी रहे थे।

अश्विन जोशी ने बनाई हैट्रिक, दो बार हारे भी

1998 से 2008 तक महेश जोशी परिवार के अश्विन जोशी कांग्रेस से लगातार तीन बार विजयी रहे और हैट्रिक बनाई। हालांकि, 2013 में उषा ठाकुर और 2018 में आकाश कैलाश विजयवर्गीय से कांग्रेस के अश्विन जोशी चुनाव में पराजित हो गए थे। इस तरह अश्विन जोशी तीन बार विजयी और दो बार पराजित हुए। महेश जोशी और विष्णु प्रसाद शुक्ला परिवार का यह पुराना चुनावी रण क्षेत्र रहा है।

इस बार चुनाव में दो परंपरागत परिवार, जो इस क्षेत्र से चुनाव के रण में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। कांग्रेस से महेश जोशी के बेटे पिंटू जोशी और भाजपा से गोलू शुक्ला (इंदौर-1 से कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला के चचेरे भाई) चुनाव मैदान में हैं, दोनों युवा उम्मीदवार हैं देखना है मतदाता किसे पसंद करते करते हैं।

मतदाता संख्या

कुल मतदाता 1,88,246
पुरुष मतदाता 9,4437
महिला 9,3740
थर्ड जेंडर 69

क्षेत्र क्रमांक-3 की रोचक जानकारी

  • 1967 में जनसंघ के राजेंद्र धारकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
  • 1972 में जनसंघ के श्रीवल्लभ शर्मा भी तीसरे स्थान पर रहे थे।
  • 1980 में प्रसिद्ध वकील रहे सीताराम सराफ चुनाव मैदान में थे, उन्हें 212 मत प्राप्त हुए थे।
  • 1985 में क्षेत्र से पहली महिला सुमित्रा महाजन भाजपा से मैदान में थीं वे पराजित हो गई थीं।
  • मालवा निमाड़ में सर्वाधिक थर्ड जेंडर मतदाता 69 विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 3 में हैं।
  • सर्वाधिक उम्मीदवार वर्ष 1993 में और सबसे कम 1957 में 3 मैदान में थे
  • सर्वाधिक मतदान वर्ष 2018 में हुआ था।

 



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