उरई। जानलेवा हमले में आरोप सिद्ध होने पर जिला जज ने दोषी को 10 वर्ष की कारावास और 65 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आर्म्स एक्ट के मामले में भी दो वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने घायल को 25 हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही है।

जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने बताया की आटा थाना क्षेत्र के ग्राम करमेर निवासी विचार देवी उर्फ सकरई वाली ने पुलिस तहरीर देकर बताया था कि 18 मार्च 2020 को उसके पति वलीराम यादव रात करीब आठ बजे घर के दरवाजे पर खड़े थे। तभी गांव का ही नंदकिशोर आया और बोला उसने चोरी करने की शिकायत पुलिस से करने का आरोप लगाकर गाली गलौज करने लगा।

पति ने विरोध किया तो उसने तमंचे से वलीराम के सीने में गोली मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्वालियर में ऑपरेशन कर गोली निकाली गई थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर तमंचा बरामद कर जेल भेज दिया था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। तीन साल चले जिला जज लल्लू सिंह की कोर्ट में ट्रायल के बाद सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के जिरह, गवाहों के बयान सुनने के बाद जज ने नंदकिशोर को जानलेवा हमले में दोषी पाते हुए दस वर्ष की कारावास और 65 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आर्म्स एक्ट में दो वर्ष की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि में 25 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए।



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