– मरीजों के स्टूल में मिला ई-कोलाई बैक्टीरिया, शरीर में इसकी मात्रा बढ़ने से होते उल्टी-दस्त

अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। पूंछ के बरोदा गांव में त्रयोदशी का खाना खाकर बीमार पड़े मरीजों की स्टूल की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि खाना दूषित हो जाने से ये बैक्टीरिया अधिक मात्रा में शरीर में पहुंच गया। जिससे लोगों को उल्टी, दस्त की समस्या हो गई।

बरोदा निवासी पूर्व प्रधान लाखन सिंह राजपूत के पिता भगवानदास का निधन होने के बाद 27 अक्तूबर को त्रयोदशी संस्कार था। तेरहवीं का खाना खाकर एक हजार लोग बीमार पड़ गए थे। ढाई सौ से अधिक मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे। बाकी मरीजों का सीएचसी से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज किया गया। बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए मरीजों का स्टूल टेस्ट कराया गया। अब इसकी रिपोर्ट आ गई है। बताया गया कि जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला है। ये बैक्टीरिया दूषित खाना खाने या पानी पीने से होता है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई कि दूषित खाने या पानी पीने से लोगों के शरीर में ये बैक्टीरिया अधिक मात्रा में पहुंच गया होगा। बताया गया कि ई-कोलाई बैक्टीरिया के कई स्ट्रेन होते हैं। ऐसे में मरीजों के बीमार पड़ने का कारण डायरियाजेनिक ई-कोलॉजी हो सकता है। चूंकि, स्ट्रेन की जांच मेडिकल कॉलेज में नहीं होती है। ऐसे में इसके रूप का प्रकार नहीं पता चल पाया है।

पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार

झांसी। त्रयोदशी संस्कार में लोगों द्वारा जो पानी इस्तेमाल किया गया था उसके नमूने भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के लिए लिए हैं। हालांकि, इसकी जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है।

मरीजों के स्टूल जांच की रिपोर्ट आ गई है। इसमें ई-कोलाई की पुष्टि हुई है। वैसे तो ये बैक्टीरिया सामान्य रूप से भी शरीर में रहता है। मगर दूषित पानी पीने या खाने से शरीर में इसकी मात्रा बढ़ सकती है। आशंका है कि शरीर में ये बैक्टीरिया ज्यादा मात्रा में पहुंच गया होगा, जिस कारण लोगों को उल्टी, दस्त हुए। हालांकि, ये फूड पॉइजनिंग का कारण नहीं बनता है। – डॉ. उत्सव राज, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट।



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