MP Election 2023: Burning the effigy of Digvijay Singh was costly, lost primary membership for six years

मध्यप्रदेश चुनाव 2023
– फोटो : अमर उजाला

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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का पुतला फूंकना दतिया के दामोदर यादव को भारी पड़ गया। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष यादव दतिया से टिकट की दावेदारी कर रहे थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बाद उनके समर्थकों ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। इतना ही नहीं उनके समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ नारेबाजी कर उनका पुतला फूंका था। अब कांग्रेस ने यादव को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यादव के निष्कासन पर पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि यादव कांग्रेस की रीति नीति के विरुद्ध काम कर रहे थे। इसीलिए उन्हें कांग्रेस की सदस्यता खोनी पड़ी है। हालांकि बताया जा रहा है दामोदर ने 21 अक्तूबर को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 

दतिया में इनका है मुकाबला

बता दें, कांग्रेस ने पहले दतिया से अवधेश नायक को भाजपा प्रत्याशी मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सामने उतारा था, लेकिन राजेंद्र भारती ने इसके खिलाफ दिल्ली में मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद पार्टी को अपने निर्णय में बदलाव करना पड़ा। अब कांग्रेस ने यहां पर अवधेश नायक के स्थान पर राजेंद्र भारती को टिकट दिया है। भारती 2018 के चुनाव में भी मंत्री नरोत्तम मिश्रा के सामने चुनाव लड़े थे और बहुत मामूली अंतर से उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा था। दामोदर यादव भी यहां से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया ऐसे में वह लगातार अपना विरोध जता रहे थे।

भाजपा बोली अजब कांग्रेस-गजब कांग्रेस

इधर, भाजपा ने यादव के निष्कासन पर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि जिन दामोदर यादव ने 21 अक्टूबर को ही कांग्रेस के सभी पदो से व प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था। कांग्रेस आज 1 नवंबर को उनको पार्टी से निष्कासित करने का पत्र जारी कर रही है और वो भी 26 अक्टूबर की पुरानी तारीख़ डाल कर। आश्चर्य की बात है कि इन्होंने और इनके समर्थकों ने ही पीसीसी के बाहर 21 अक्टूबर को दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह का पुतला जलाया था, उनके ख़िलाफ़ आपत्तिजनक नारे लगाए थे। पीसीसी में उनके पोस्टर पर कालिख पोत जूते चलाए थे। उन पर झूठी कार्यवाही भी 10 दिन बाद…? पर्दे के पीछे की सच्चाई – दिग्विजय सिंह इस घटना से बेहद ख़फ़ा थे। दामोदर यादव कमलनाथ समर्थक हैं, परसों दिल्ली में हुई गिला-शिकवा बैठक में उन्होंने यह मामला उठाकर नाथ साहब की जमकर घेराबंदी की थी। उसके बाद उन्हें खुश करने के लिए यह कार्यवाही की गई। 10 दिन पूर्व ख़ुद इस्तीफ़ा देने वाले को पार्टी से आज निकाला गया। अगली कड़ी में जयवर्धन सिंह को स्टार प्रचारक बनाया जाएगा, क्योकि नकुलनाथ को बनाए जाने और जयवर्धन सिंह को नहीं बनाया जाना भी अनबन का बड़ा कारण। शुजालपुर, इंदौर 4, महू, नागौद के टिकट की नाराज़गी अभी भी बरकरार , उस पर अभी तक कोई समझौता नहीं। वहीं नाथ जी के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दिग्विजय समर्थकों पर भी कोई कार्यवाही नहीं। एक बार फिर दिग्विजय सिंह भारी पड़ते नज़र आ रहे हैं।

 



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