Benga, who came from the forest, will anoint Baba, 12 hundred forest dwellers will have easy darshan.

काशी विश्वनाथ धाम
– फोटो : अमर उजाला

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काशी विश्वनाथ धाम में पहली बार वनवासियों के ग्राम पुरोहित (बेंगा) बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और जनजातीय सुरक्षा मंच के सहयोग से नई पहल 29 अक्तूबर को साकार होगी। 13 जिलों के दो हजार गांवों के बेंगा समाज के लोग बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करके नई परंपरा की नींव रखेंगे। इसके साथ ही मंदिर न्यास भी छूआछूत और भेदभाव के खिलाफ समाज से अपील करेगा।

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यह जानकारी काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय और मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने शुक्रवार को पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि बाबा विश्वनाथ के धाम में पहली बार 12 सौ की संख्या में वनवासी और जनजाति समूह के लोगों को सुगम दर्शन कराया जाएगा। देश भर के विभिन्न राज्यों से ये लोग 29 अक्तूबर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे। मंदिर प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से वनवासियों का स्वागत किया जाएगा।

प्रो. पांडेय ने बताया कि पहली बार घर और जंगल छोड़कर ये वनवासी शहर में प्रवेश करेंगे। इनको मां गंगा के दर्शन के साथ ही बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कराया जाएगा। वनवासी और जनजातीय समूह के साथ भोजन किया जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि 29 अक्तूबर को नमो घाट पर देश के विभिन्न राज्यों से जनजाति और वनवासी समूह के लोग आएंगे। वहां से नाव से भी गंगा द्वार पहुंचेंगे। उनका स्वागत मंदिर प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से किया जाएगा। उनके भोजन की व्यवस्था धाम परिसर में रहेगी।



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