MP High Court 34 families of Begambagh area get stay from HC

इंदौर हाईकोर्ट
– फोटो : सोशल मीडिया

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उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा न्यू हरिफाटक महाकाल मार्ग स्थित प्राधिकरण द्वारा अलाट संपत्तियों के स्वामियों/लीजधारियों की लीज निरस्त की जानकारी रहवासियों को समाचार पत्रों के माध्यम से लगी थी। घबराए रहवासियों ने न्यायालय की शरण ली, जिसमें उन्होंने कहा कि हमें लीज निरस्ती की सूचना तक नहीं दी गई।

विकास प्राधिकरण ने स्वीकारा कि सूचनाएं नहीं दी गई हैं। इसके पश्चात हाईकोर्ट ने रहवासियों को राहत देते हुए कार्रवाई के पूर्व रहवासियों को 15 दिन कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का समय देने के आदेश देते हुए मामले में यथास्थिति के आदेश दिए।

रहवासियों ने कहा कि लीज निरस्ती की सूचना से लोगों में डर व भय पैदा कर उन्हें उनकी संपत्तियों से बेदखल करने और उनके मौलिक अधिकारों को हनन किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि साल 1975-81 के लगभग में विकास प्राधिकारण द्वारा शहर का विकास करने एवं शहर को बसाने के उद्देश्य से उक्त भूखण्डों का आवंटन किया गया था। इसमें कई भूखण्डों के एवज में फ्रीहोल्ड भी वितरित किया गया था और जिन भूखण्डों को लीज पर आवंटित किया गया था, उक्त भूखण्डों की लीज का प्रकार शाश्वत प्रकृति अर्थात स्थाई प्रकृति की लीज के आधार पर उनका आवंटन किया गया था।



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