MP Election Why did the relationship between SP and Congress deteriorate in MP, Digvijay Singh told the reason

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
– फोटो : PTI

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मध्य प्रदेश विधानसभा में सीट शेयरिंग को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पीसीसी चीफ कमलनाथ के बीच बयानबाजी के बाद अब दिग्विजय सिंह का बयान सामने आया है। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल में मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरी समाजवादी पार्टियों के नेताओं से बातचीत हुई थी। वह पिछले चुनाव में एक सीट जीते थे और दो पर दूसरे नंबर पर आए थे। वे छह सीटें मांग रहे थे। उन्होंने कहा कि हम उनके लिए चार सीटें छोड़ सकते थे। इसका प्रस्ताव बनाकर उन्होंने पीसीसी चीफ को भेज दिया था, लेकिन जब केंद्रीय नेतृत्व से बात की तो उन्होंने विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर स्टेट लीडरशिप पर ही निर्णय छोड़ दिया। पूर्व सीएम ने कहा कि चर्चा कहा बिगड़ी मैं नहीं जानता। कमलनाथ जी पूरी इमानदारी के साथ समझौता करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन इंडिया मिलकर लड़ेगा, लेकिन स्टेट चुनाव में हमारे अलग इश्यू है। उन्होंने कहा कि अलायंस में फ्रेंडली फाइट हो सकती है, लेकिन इतना मालूम है कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश जी भाजपा के पास तो नहीं जाएंगे।  

डेढ़ साल में चार सर्वे किए 

कांग्रेस पार्टी में टिकट को लेकर विरोध पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि बहुत ही पारदर्शी तरीके से उम्मीदवारों का चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि हमने उम्मीदवार की संभावनाएं देखीं कि कितना काम किया है, कब से काम किया, जनता में उसकी पकड़ क्या है, संगठन उसकी मदद कर रहा है या नहीं कर रहा है। उसकी जितने की संभावना क्या है। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी ने जिला स्तर तक विमर्श किया। डेढ़ साल में चार अलग-अलग एजेंसियों से सर्वे कराया गया। पूर्व सीएम ने बताया कि 23 सितंबर को आखरी सर्वे हुआ। उस रिपोर्ट के आधार पर स्क्रीनिंग कमेटी ने प्रस्ताव रखे, जिसके बाद सीईसी ने प्रत्याशी चयन किए। उन्होंने कहा कि कुछ जगह अपवाद हो सकता है। उन्होंने कहा कि कृपया सारे मतभेद बुलाकर जो सूची आ गई, जिसको हाथ का पंजा मिला है उसे अपना उम्मीदवार मानें। 

वीरेंद्र रघुवंशी को लेकर किया यह खुलासा 

पूर्व सीएम ने कहा कि वीरेंद्र रघुवंशी को उन्होंने शिवपुरी से टिकट देने का वादा किया था, लेकिन सिंधिया के खिलाफ लड़ाने के लिए केपी सिंह को शिवपुरी लेकर गए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि वीरेंद्र का नाराज होना स्वाभाविक है। हमारी उनसे बातचीत चल रही हैं। 

शिवराज को बताया नौटंकी 

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को झूठा, नाटक और नौटंकी करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनकी नौटंकी देखकर अपने को खतरा महसूस कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि दशहरा पर सत्य की विजय हो, असत्य का नाश हो। प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो के साथ सभी को शुभकामनाएं दी। साथ ही कहा कि यही तो सनातन धर्म हैं। जिसका भाजपा पालन नहीं करती  हैं।



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