Nine ascetic youth will take initiation to become Jain monks after giving up property worth crores of rupees.

युवा दीक्षा लेकर जैन मुनि बनेंगे।
– फोटो : सोशल मीडिया

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कहते हैं जब वैराग्य जगा मन में जिन दीक्षा ली जाकर वन में। आज की इस ऐशोआराम की जिंदगी और करोड़ों की संपत्ति को छोड़ कर संपन्न घरों के नौ युवाओं ने आत्म कल्याण के लिए वैराग्य का कठिन मार्ग चुन लिया है। वैराग्य लेने के अपने दृढ़ संकल्प के चलते इनके परिजनों ने भी अपनी सहमति सहर्ष देकर इनकी भव्य विनोली यात्रा निकाली जाएगी तथा ओली हल्दी का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ उज्जैन में राजेंद्र सभा क्षीर सागर से 12 अक्तूबर गुरुवार को शाम 4 बजे विभिन्न मार्गों से होकर मनोरमा गार्डन तक विनोली शोभायात्रा बड़ी धूमधाम से निकाली जाएगी।

इसके पूर्व प्रातः 8 बजे से सभी दीक्षार्थी भईया का तपोभूमि से मनोरमा गार्डन में भव्य मंगल आगमन होगा। आयोजन के प्रमुख प्रदीप झांझरी ने बताया कि इंदौर के युवा हार्दिक भैया पिता सुदीप जैन माता रेखा जैन विजय नगर 78 नंबर स्कीम निवासी इंदौर के वैराग्य के कठिन मार्ग को चुन कर दीक्षा लेंगे, इनके साथ ही दूसरे नगरों के आठ अन्य धार्मिक युवा भी दिगंबर दीक्षा धारण करने जा रहे है। दीक्षा पूर्व नगर में इन सभी कठोर संयमधारी युवाओं की बिनौली एक साथ बड़े धूमधाम से निकाली जाएगी एवं ओली हल्दी के कार्यक्रम भी बड़े उल्लास के साथ संपन्न होंगे।

यह होती है विनोली यात्रा

विनोली यात्रा में भावी दीक्षार्थियों को राजा की तरह सजाया जाता है। भौतिक सुख सुविधाओं का लालच दिया जाता है और घर वापसी का मौका दिया जाता है ताकि उनके वैराग्य के संकल्प को परखा जा सके, लेकिन जो वैराग्य का मन बना लेते हैं फिर उन्हें संसार कहा रास आता है। दीक्षा के पूर्व कई वर्षों तक गुरु दीक्षार्थी की अलग—अलग तरह से परीक्षा लेते रहते हैं। वर्षों की कठिन तपस्या के बाद सुपात्र पाकर ही मुनि दीक्षा दी जाती है। इन सभी संयमी युवाओं की दीक्षा आगामी 25 अक्तूबर को बड़ौत में आचार्य श्री विशुद्ध सागर के पावन सानिध्य में होगी।



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