Five old faces get a chance again in Indore division, Mev also contested the rebel election

इंदौर संभाग में पुराने चेहरों को मौका
– फोटो : amar ujala digital

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आचार संहिता लगने से पहले भाजपा ने मालवा निमाड़ की 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय रणनीति के तहत घोषित किए है। ज्यादातर उन्हेे उ्म्मीदवार बनाया गया है, जो पिछला चुनाव हारे थे। इंदौर संभाग में पेटलावद, राऊ, आलीराजपुर,कसरावद, झाबुुआ में पुराने उम्मीदवार रिपीट हुए है,जबकि महेश्वर में पिछली बार भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़े राजकुमार मेव को फिर भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। टिकट जल्दी घोषित करने के पीछे संगठन की मंशा है कि इन उम्मीदवारों को जनता के बीच जाने का ज्यादा समय मिले।

जिराती और गौरव थे टिकट की दौड़ में

इंदौर जिले की राऊ विधानसभा सभा सीट से मधु वर्मा फिर उम्मीदवार बने है। पिछला चुनाव वे पांच हजार वोटों से कांग्रेस उम्मीवार जीतू पटवारी से हारे थे। इस विधानसभा में जातिगत समीकरण भी काफी मायने रखते है। शहरी हिस्से में मराठीभाषी वोटबैंक भी महत्वपूर्ण माना जाता है, इस लिहाज से भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे का नाम भी इस सीट से चल रहा था, जबकि खाती समाज से आने वाले जीतू जिराती भी टिकट की दौड़ में थे। वे एक बार राऊ सीट से विधायक रह चुके है। राऊ सीट 15 साल पहले विधानसभा परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई है। दो बार इस सीट से कांग्रेस, जबकि एक बार भाजपा जीती है।

आदिवासी क्षेत्र में चारों पुराने चेहरे

निमाड़ क्षेत्र के खरगोन, धार, झाबुआ, आलीराजपुर सीट में आदिवासी वोटबैंक है। इन चार जिलों में भाजपा ने दोबारा उन चेहरों को मौका दिया है, जो पिछले विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार थे। पेटलावद से निर्मला भूरिया पांच हजार वोटों से चुनाव हारी थी, वहां से फिर उन्हें मौका मिला है। आलीराजपुर से नागर सिंह चौहान को फिर उम्मीदवार बनाया है। गुमान सिंह डामोर के सांसद बनने के बाद खाली हुई झाबुआ सीट के उपचुनाव में भानू भूरिया को कांतिलाल भूरिया के सामने उम्मीदवार बनाया था। भानू 27 हजार वोटों से चुनाव हारे थे, लेकिन इस सीट पर भाजपा के पास कोई नया चेहरा नहीं है, इसलिए फिर भानू को उम्मीदवार बनाया गया।

बागी के तौर पर चुनाव लड़े मेव को टिकट

महेश्वर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक राजकुमार मेव ने भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ा था। पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निेष्कासित किया था, लेकिन भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के कारण वे फिर भाजपा में शामिल हो गए थे। इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र आर्य भाजपा के उम्मीदवार थे। सचिन यादव से पिछला चुनाव हारे आत्माराम पटेल को फिर भाजपा ने टिकट दिया है।



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