
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी में संबोधित करते हुए।
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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी अंचल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं और वे इस दौरान विभिन्न समाजों के मंच पर जाकर समाजों से एकता बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सहयोग की आव्हान कर रहे हे हैं। 21 मई को नरवर में पाल, बघेल, धनगर समाज द्वारा आयोजित सम्भागीय सम्मेलन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पाल बघेल समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि मैं यूं कहूं तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि पाल समाज और सिंधिया परिवार का रिश्ता दिल का नहीं खून का रिश्ता है।
सिंधिया ने कहा कि आपके समाज की पूर्वज रानी अहिल्याबाई होलकर महाराष्ट्र के जिस इलाके से संबंध रखती हैं, हमारी उत्पत्ति भी वहीं से हुई है। मेरे पूर्वज महादजी सिंधिया और अहिल्याबाई होलकर के बीच भाई बहन का रिश्ता था। हम दो मराठा परिवार एक साथ महाराष्ट्र से आए हैं। अहिल्याबाई होलकर ने सिर्फ अपने पाल बघेल, धनगर समाज के लिए नहीं बल्कि संपूर्ण समाजों के उत्थान एवं आध्यात्म को बढ़ाने का काम किया। उन्होंने बड़े-बड़े मंदिर और तीर्थ स्थल बनाए। हिंदवी स्वराज की स्थापना करने में तीन राजपरिवार सिंधिया, गायकवाड़ और होलकर का योगदान महत्वपूर्ण योगदान रहा। इन्होंने मुगलों से लड़ाई लड़कर हिंदवी स्वराज की स्थापना की। पाल बघेल समाज का सम्भागीय समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी. गोपाल पाल द्ददा द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें सम्भाग भर समाज के लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम में मंच संचालन नेपाल सिंह बघेल ने किया।
सिंधिया ने कहा कि कई बार ऐसा होता है कि हम लोग किसी को नेता चुन लेते हैं जो हमारी नजरों में तो हीरो होता है, लेकिन ग्राउंड पर वह जीरो होता है। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप सभी लोग मिलकर किसी एक को नेता के रूप में चुनें। उसे राजनीति में आगे बढ़ाने में पूरी मदद मेरी ओर से मिलेगी। वह राजनीति में पाल बघेल समाज का प्रतिनिधि होगा। समाज की बातों के बीच सिंधिया ने कहा कि कुछ समय बाद आपके पास ऐसे लोग आएंगे जो बड़े-बड़े वादे करेंगे और अपनी जेबें भरकर पांच साल के लिए गायब हो जाएंगे। इनसे सभी को सावधान रहना है। पांच महीने बाद वह समय आने वाला है जब आपको सोच समझकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना है।
इसके बाद सिंधिया ने 46 प्रतिनिधियों से चर्चा की। इसमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, नरवर, कोलारस, शिवपुरी सहित अधिकांश ग्वालियर-चंबल की विधानसभाओं के प्रतिनिधि थे। समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजी. गोपाल पाल दद्दा ने 31 मई को अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर अवकाश घोषित करने की मांग की। इस दौरान पाल समाज को फिर से एसटी का दर्जा देने की मांग की।