Corporator gave instructions to seal hotels without fire NOC, 60 percent operators did not apply

जांच करने पहुंचा नगर निगम का अमला
– फोटो : अमर उजाला

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उज्जैन रेलवे स्टेशन के सामने पांच मंजिला होटल चंद्रगुप्त में लगी आग के बाद हुई जांच में पाया गया था कि होटल मालिक द्वारा बगैर फायर एनओसी के वर्षों से होटल संचालित की जा रही थी। नगर निगम द्वारा होटल को सील कर दिया गया था। जिसके बाद निगमायुक्त रोशन सिंह स्वयं नगर निगम अमले के साथ महाकाल मंदिर के आसपास बनी होटलों में पहुंचे और फायर एनओसी चेक की, जिसके बाद निगमायुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि जिन होटलों के पास फायर एनओसी नहीं मिले हैं, उन्हें तत्काल सील कर दिया जाए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने महाकाल और बेगमबाग क्षेत्र की तीन होटलों पर फायर एनओसी मांगी लेकिन तीनों पर ही फायर एनओसी नहीं थी। नगर निगम कमिश्नर ने निगम और फायर अमले को तीनों होटलों को सील करने के आदेश दिए हैं।

इस संबंध में नगर निगम के अपर आयुक्त आदित्य नागर ने बताया कि शासन के नियमानुसार नौ मीटर लगभग 30 फीट ऊंचाई या ग्राउंड फ्लोर 500 वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण की कमर्शियल होटल या हास्पिटल हैं उनमें फायर एनओसी आवश्यक हैं। लेकिन जो होटल या हॉस्पिटल नौ मीटर लगभग 30 फीट कम के दायरे में आते हैं उन्हें फायर एनओसी का ऑडिट और अन्य फायर से संबंधित इंतजाम कर होटल में फायर विभाग से नगर निगम का प्रमाण पत्र लेना आवश्यक होता है। अगर नगर निगम के नियम को देखें तो उज्जैन की लगभग 60%  होटलें होंगी जो नगर निगम की कार्रवाई की जद में आएगी। नगर निगम अधिकारी ने बताया कि प्रथम जांच में सभी से फायर एनओसी के डॉक्यूमेंट मांगे जाएंगे, अगर उनके द्वारा फाइल लगाई गई है और एनओसी नहीं मिली है तो एनओसी दिलाने का कार्य किया जाएगा और अगर एनओसी नहीं है फायर ऑडिट नहीं है तो इस संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी।



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