G20 Varanasi: Support of G20 countries on global recognition of coarse grains, said- 'Millets are climate frie

जी-20 समिट में चर्चा करते डेलीगेट्स
– फोटो : अमर उजाला

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पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज (श्री अन्न) को वैश्विक मान्यता देने पर जी-20 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है। कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि मोटे अनाज जलवायु के अनुकूल हैं। वैश्विक स्तर पर शोध किया जा सकता है। अनाज वैश्विक खाद्य संकट को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इनकी उत्पादन क्षमता अच्छी होती है।

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जी-20 देशों के कृषि वैज्ञानिकों की तीन दिवसीय (17, 18, 19 अप्रैल) बैठक के दूसरे दिन किसानों की आय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। कहा गया कि फसल व खाद्य की क्षति कम की जानी चाहिए। इसमें डिजिटल कृषि तकनीक मददगार साबित हो सकती है। पारिवारिक खेती को भी बढ़ावा देना होगा। एग्री टेक स्टार्टअप व इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की जरूरत है। भूमि की उर्वरा शक्ति को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना है। प्रयोगशाला की मदद से शोध को आगे बढ़ाना है। वैश्विक सहयोग से ही कृषि चुनौतियों से निजात पाया जा सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने महर्षि अभियान की सराहना की है। उनका कहना है कि मोटा और प्राचीन अनाज पोषक तत्वों से भरपूर हैं। कम क्षेत्रफल में फसलों की ज्यादा पैदावार प्राप्त की जा सकती है। इससे पहले भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डाॅ. हिमांशु पाठक की अध्यक्षता में डिजिटल कृषि तकनीक को बढ़ावा देने पर बात हुई। इसमें जी-20 देशों के 80 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय संगठन व विशेष आमंत्रित सदस्यों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी राय दी है।



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