मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत दर्शन यात्रा के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। इसके लिए तेलुगु संगमम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की अतिथि देवो भव की परंपरा रही है। प्रदेश की धरती पर तेलुगु भाई-बहनों का हमेशा स्वागत है। सांस्कृतिक रूप से भारत सदैव एक था, एक है और एक रहेगा। तेलुगु भाई-बहन मध्यप्रदेश को अपना ही प्रदेश समझें। यह आपका अपना ही प्रदेश है, अपने आप को कभी अलग नहीं समझना। आत्मीयता और स्नेह से मध्यप्रदेश की धरती पर हमेशा पधारें।   

तेलुगु संगम संस्था द्वारा भारत दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिन पहले रवाना हुई यात्रा सोमवार शाम को भोपाल पहुंची, जिसका स्वागत मुख्यमंत्री निवास में किया गया। समारोह में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, तेलुगु संगमम् के संस्थापक पी मुरलीधर राव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, भोपाल सांसद सांसद प्रज्ञा सिंह, आईवायआर कृष्णाराव, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग सहित तेलुगु भाषी भाई-बहन और अन्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से मैं ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना में भारत दर्शन यात्रा में पधारे तेलुगु भाई-बहनों का स्वागत करता हूं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और तेलंगाना राज्य में कई समानताएं हैं। प्रदेश हीरों की खान है। यहां सतपुड़ा, पेंच, कान्हा जैसे कई टाइगर रिजर्व हैं। प्रदेश सड़क, बिजली, सिंचाई सहित अनेक क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रहा है। यह आपका अपना ही प्रदेश है, अपने आप को कभी अलग नहीं समझना। आत्मीयता और स्नेह से प्रदेश की धरती पर हमेशा पधारें।

 

 



हमारी संस्कृति एक ही है

स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजनांतर्गत तेलुगु संगमम् का अभिनव प्रयास किया है। तेलंगाना और मध्यप्रदेश की संस्कृति की अनुभुति इस कार्यक्रम से हो रही है। वास्तव में हमारी संस्कृति एक ही है। हमारी अध्यात्मिक परंपरा हम सबको जोड़ती है।

 

 


ऐसा लगता है हम अपने घर आए हैं

तेलुगु संगमम् के संस्थापक और मध्यप्रदेश भाजपा के  पी मुरलीधर राव ने कहा कि तेलुगु भाई-बहन एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजनांतर्गत भारत दर्शन के लिए निकले हैं। आज तीसरे दिन भोपाल में पहुंचे हैं। यहां आकर ऐसा लगता है कि हम अपने घर में ही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना की पहल सराहनीय है। हम सब एक हैं।

 

सांस्कृतिक एकता भारत की पहचान

आईवायआर कृष्णाराव ने कहा कि सांस्कृतिक एकता भारत की पहचान है। भारत ने अपनी सांस्कृतिक एकता की विदेशों में भी अमिट छाप छोड़ी है। मध्यप्रदेश शासन ने सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उज्जैन में श्री महाकाल लोक का निर्माण कराया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत की पहल की है। हम गौरवान्वित हैं कि प्रदेश में तेलुगु भाषी भाई-बहन भारत दर्शन यात्रा में भोपाल पधारे हैं। मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हू।




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