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विंग कमांडर को जानिए क्यों लाहौर तक खुद छोड़ने आए थे इमरान खान

इस्लामाबाद। विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को सही तरीके से भारत को सौंपने के मामले में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान निजी रूप से शामिल थे। वह पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे थे ताकि भारतीय पायलट की रिहाई में कोई परेशानी नहीं आए। लिहाजा, वह कई घंटे पहले इस्लामाबाद से लाहौर पहुंच गए थे। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी में पता चला है कि अभिनंदन को इस्लामाबाद से वाघा सीमा तक लाने से कुछ घंटे पहले ही इमरान लाहौर पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का शहर में आने का मुख्य मकसद यही था कि बंदी भारतीय पायलट को सही तरीके से सीमा सुरक्षा बल को सौंप दिया जाए। इस दौरान इमरान खान ने पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बजदार और गवर्नर चौधरी सरवर के साथ बैठक भी की। उन्होंने भारतीय पायलट की रिहाई का फैसला लेने के लिए प्रधानमंत्री की तारीफ की। सूत्रों ने बताया कि अभिनंदन को भारत को सौंपे जाने तक प्रधानमंत्री लाहौर में रहे और उसके बाद वह इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि अपने प्रवास के दौरान खान ने पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुझदार और राज्यपाल चौधरी सरवर के साथ बैठक की। दोनों ने भारतीय पायलट की रिहाई के आदेश देने के लिए पीएम इमरान खान की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह इशारा करेगा कि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है और अपने पड़ोसी देशों विशेषकर भारत के साथ शांति चाहता है। बुझदार ने कहा कि यह कदम भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में मदद करेगा। सूत्र ने कहा कि पीएम इमरान खान तब तक लाहौर में रहे जब तक भारतीय पायलट को उनके देश को नहीं सौंप दिया गया। बाद में वह इस्लामाबाद के लिए रवाना हो गए। पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने भारतीय अधिकारियों को विंग कमांडर को सौंपने के बाद जारी एक बयान में कहा- प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के साथ बढ़ते तनाव को कम करने के मकसद से ‘सद्भावना इशारे’ के रूप में अभिनंदन की वापसी की घोषणा की गई थी। बताते चलें कि विंग कमांडर को 27 फरवरी को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब पाकिस्तान के एफ-16 विमान को मार गिराने के बाद उनके मिग-21 विमान पर मिसाइल लगने की वजह से वह क्रैश होकर पाकिस्तानी कब्जे वाले इलाके में चला गया था।

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