दिल्ली नई दिल्ली

भारत का अभिनंदन की वापसी के बाद क्या होगा अगला कदम जानिये

नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच भारी तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान को शुक्रवार 27 फरवरी को पाकिस्तान ने भारत वापस भेज दिया। इसके जरिये पाकिस्तानी सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की है कि वह भारत के साथ शांति चाहती है। मगर, सीमा पर पाकिस्तानी सेना की तरफ से हो रही गोली-बारी और संघर्ष विराम का उल्लंघन बता रहा है कि पाकिस्तान शांति के मामले में गंभीर नहीं है। बताते चलें कि भारत ने 1971 के बाद पहली बार नियंत्रण रेखा पार कर हवाई हमला किया है। भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पुलवामा हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के आतंकी शिविर में जबरदस्त हमला किया था, जिसमें 350 से अधिक आतंकी और उनके 25 ट्रेनर मारे गए थे। यह उस पुलवामा हमले का बदला था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे और हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने 27 फरवरी को भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन किया था, जिसके बाद मिग-21 विमान में सवार विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तानी एफ-16 विमान को मार गिराया था। हालांक, इस दौरान उनका विमान पाक अधिकृत कश्मीर में क्रैश हो गया था और अभिनंदन को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। पाकिस्तान को दिया साफ संदेश इस मामले में पूर्व सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि भारत के हवाई हमले ने पाकिस्तान को साफ संदेश दे दिया है कि भारत ने आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी रणनीति बदल ली है। भारत और पाकिस्तान की वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी, तो भारत फिर से हमला करेगा। पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर इस तनाव को और बढ़ा दिया है। दूरगामी नतीजों पर सोचना होगा भारतीय वायुसेना के पायलट की रिहाई की घोषणा के पाकिस्तान के पीएम खान के ‘सद्भावना के इशारे’ पर सिंह ने कहा कि भारत को इससे हटना नहीं चाहिए। भारत को दूरगामी नतीजों पर ध्यान देना चाहिए। पाकिस्तान पर दबाव बढ़ रहा है। यह भारत की जीत है। सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संगठन पाकिस्तान के बारे में खराब बातें कर रहे हैं और उसे ठीक व्यवहार करने के लिए कह रहे हैं। अगल-थलग पड़ गया है पाकिस्तान पूर्व सेना प्रमुख के अनुसार, भारत को आतंकवाद के खिलाफ अपनी इसी नीति को बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पूरी तरह से अलग-थलग पड़ गया है और मुस्लिम देश भी अब उसका साथ नहीं दे रहे हैं। इमरान खान दुनिया को यह साबित करने के लिए वह सब कुछ करेंगे कि वह एक अच्छे व्यक्ति हैं और भारत के साथ शांति चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने इस तथ्य पर जोर दिया कि पाकिस्तान के साथ शांति और बातचीत केवल तभी होगी जब आतंकवाद के खिलाफ काम किया जाएगा।

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