Whatsapp Payment Service: पेमेंट सर्विस देने की सभी यूजर्स को मांगी इजाजत

नई दिल्ली। सोशल नेटवर्किंग मोबाइल एप्लीकेशन व्हाट्सएप ने अपनी पेमेंट सर्विस सभी यूजर्स को मुहैया कराने की इजाजत भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) से मांगी है। फेसबुक इंक की सहायक कंपनी व्हाट्सएप पिछले कई महीनों से भारत में करीब 10 लाख यूजर्स के माध्यम से वाट्सएप पेमेंट्स नामक अपनी पेमेंट सर्विस का परीक्षण कर रही है। कंपनी ने आरबीआई के गवर्नर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि यह सेवा देशभर में उसके सभी 20 करोड़ यूजर्स को मुहैया कराने की औपचारिक इजाजत दी जाए। पांच नवंबर को लिखे इस पत्र में कंपनी ने कहा है कि व्हाट्सएप के सहयोगी बैंकों ने भी औपचारिक अनुमति के लिए आग्रह किए हैं। आरबीआई प्रमुख को संबोधित पत्र में व्हाट्सएप के प्रमुख क्रिस डेनियल्स ने कहा कि कंपनी भारत सरकार की भीम यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के अनुकूल व्हाट्सएप पेमेंट्स सर्विस देशभर में अपने सभी यूजर्स को मुहैया कराने की औपचारिक इजाजत मांगती है। इससे कंपनी को एक ऐसी सुरक्षित और उपयोगी पेमेंट सर्विस पेश करने का अवसर मिलेगा, जो डिजिटल सशक्तीकरण और वित्तीय समावेशन के माध्यम से भारतीयों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह यूजर्स से संबंधित डाटा भारत में ही सुरक्षित रखना सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। कंपनी ने करीब दो वर्ष पहले सरकार के साथ अपनी पेमेंट सर्विस संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की थी। व्हाट्सएप ने यह इजाजत ऐसे वक्त में मांगी है जब उसके प्लेटफॉर्म पर फर्जी संदेशों की बाढ़ को लेकर सरकार ने हाल में कई बार कंपनी की खिंचाई की है। व्हाट्सएप के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत सरकार, नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई), कई बैंकों और पेमेंट सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ मिलकर करीब से काम कर रही है। कंपनी यह सुविधा अपने सभी यूजर्स तक पहुंचाना चाहती है, ताकि देश की डिजिटल इकोनॉमी को मदद मिल सके। प्रवक्ता ने कहा, ‘वर्तमान में देशभर में करीब 10 लाख यूजर्स व्हाट्सएप पेमेंट्स का परीक्षण कर रहे हैं। उनसे बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यूजर्स जिस आसानी और सुरक्षित तरीके से संदेश भेजते हैं, उसी आसानी और सुरक्षा के साथ रकम भेजने की सुविधा को बेहद पसंद कर रहे हैं।’ वहीं, कंपनी ने पेमेंट सर्विस मुहैया कराने वाली सभी कंपनियों के बीच समान स्पर्धा का माहौल तैयार करने का भी आरबीआई से आग्रह किया है।

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