जम्मू-कश्मीर

छात्रा को मोबाइल गेम ‘पबजी’ के क्रेज ने बनाया मानसिक रोगी

जम्मू। प्लेयर अंडर बैटल ग्राउंड (पबजी) गेम ने अब जम्मू की एक छात्रा को मानसिक रोगी बना दिया है। दो दिन पहले एक फिटनेस ट्रेनर को बीमार करने के बाद इस गेम की चपेट में अब एक कॉलेज छात्रा आई है। ऐसे में छात्रा के परिजनों ने छात्रा को इलाज के लिए गांधी नगर अस्पताल में भर्ती कराया है। बीस वर्षीय छात्रा पिछले कुछ दिन से पबजी गेम खेल रही थी। उसे जब परिजनों ने मानसिक तौर पर परेशान देखा तो वे तुरंत उसे लेकर गांधी नगर अस्पताल पहुंचे। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उसकी जांच की। बताया जा रहा है कि छात्रा कुछ दिन से लगातार पबजी खेल रही थी और वह घंटों उसी में लगी रहती थी। ऐसे में अब डॉक्टर भी इस गेम से बचने की सलाह दे रहे हैं। सो भी नहीं पाते आदी हो गए युवा मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश थापा का कहना है कि मोबाइल इंटरनेट गेम को खेलने वाले अधिकतर युवा ही होते हैं। यह गेम में पूरी तरह खो जाते हैं। दिमाग का लगातार इस्तेमाल मानसिक रूप से थका देता है और कई बार दिमाग काम करना भी बंद कर देता है। इंटरनेट भी नशे की तरह है। इसका आदी हो चुका व्यक्ति कई बार सो भी नहीं पाता जो उसे मानसिक रोगी बना देता है। बच्चे को मोबाइल से दूर रखने की जरूरत डॉ. जगदीश थापा का कहना है कि पांच साल के बच्चे भी आज घंटों मोबाइल फोन पर गेम खेलते हैं और फोन न मिलने पर वे गुस्से में आ जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को फोन कम से कम इस्तेमाल करने दें।

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