ग्वालियर मध्यप्रदेश

पाकिस्तान को विश्व के नक्शे से मिटाने के लिए काफी है ग्वालियर, जानिए ग्वालियर की ताकत को

ग्वालियर। चंद घण्टों में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर के कई इलाकों को निस्तेनाबूत करने वाले मिराज 2000 जेट प्लेन ने ग्वालियर से उड़ान भरी थी। 200 से &00 आंतकियों को उनकी हूरों के पास पहुंचाने वाले मिराज विमान भारतीय सेना के हीरे हैं। आपको जानकार हैरानी होगी की मिराज की अधिकतम स्पीड 2495 किमी प्रति घण्टा है। सोचिए क्या मंजर रहा होगा जब भारत के ये वीर विमान पाकिस्तान के अंदर घुसकर उनके दहशतगर्दों को मौत के मुंह में पहुंचा रहे होंगे। मिराज 2000 विमान भारतीय वायुसेना में 1985 में शामिल हुए हैं। इसे फ्रेंच कंपनी डसॉल्ट ने डिजाइन किया है। यह वही कंपनी है जिसके बनाए राफेल विमान की खरीदी को लेकर भारत में जमकर हंगामा हुआ है। विपक्ष भारत सरकार पर इसकी खरीदी को लेकर घोटाला करने के आरोप लगाते आ रहा है। मिराज 2000 सीरीज के 12 विमानों ने मंगलबार की सुबह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जमकर बम्बारी की है। मिराज के साथ सुखोई विमानों की टीम ने लेजर गायडेड बम से जैश के कई ठिकानों को ठिकाने लगाया।आपको बतां दे कि कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हमला करने की जिम्मेदारी जैश-ऐ-मोहम्मद नाम के आतंकी संगठन ने ली थी। इस हमले को अंजाम देने के लिए एक आतंकी &50 किलो बारुद से भरी गाड़ी लेकर सीआरपीएफ के काफिले में घुस गया था और गाड़ी में ब्लास्ट किया गया था। इस हमले में 40 सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए थे वहीं दो दिन बाद जैश के आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में भी भारत के 5 जवान शहीद हुए थे।

जानिए देश में कितने एयरबेस हैं

वेस्टर्न एयर कमांड 16
इस्टर्न एयर कमांड 15
सेन्ट्रल एयर कमांड 9 महाराज पुर एयरबेस स्टेशन (ग्वालियर) सेंट्रल एयर कमांड के अधीन है
साउर्दन एयर कमांड 7
साउथ-वेस्टर्न एयर कमांड 11
भारत में 7 ट्रैनिंग कमांड हैं वहीं 2 मेनटिनेंस कमांड हैं
मिराज विमानों ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी। एयर स्ट्राईक में शामिल किए गए सभी 12 विमान ग्वालियर से ही छोड़े गए थे। ग्वालियर एयर बेस भारत ये महत्वपूर्ण एयर बेस में से एक है। यहां राफेल विमान भी ट्रेनिंग के लिए लाए गए हैं।

जानिए मिराज की पूरी ताकत

1985 में मिराज भारतीय वायु सेना का हिस्सा बना ।
नए मिराज में रेडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगे हैं, जिनसे इन विमानों की मारक क्षमता और भी बढ़ी है।
मिराज 2000 की अधिकतम स्पीड 2,495 किलोमीटर प्रति घंटा है।
अपने वजऩ के बराबर बम और मिसाइल ढो सकता है मिराज 2000
हवा में रहकर ज़मीन पर वार तो हवा में ही एक साथ दुश्मन के दो विमानों से निपटने की क्षमता रखता है मिराज 2000।
जमीन पर भी एक साथ दो अलग-अलग लक्ष्यों पर प्रहार करने में है सक्षम
मिराज 2000 का वजन 7,500 किलोग्राम है। वही हथियारों के साथ यह 1&, 800 किलोग्राम तक हो जाता है।
मिराज 2000 में हथियार प्रणाली पे लोड को ले जाने के लिए नौ हार्डपॉइंट हैं
पांच पाइन्ट इसकी बॉडी पर और दो प्रत्येक पंख पर
मिराज 2000 को उ‘च-फायरिंग-रेट &0 मिमी गन से लैस किया जा सकता है।
विमान की लंबाई 9.1& मीटर की कुल लंबाई पंख के साथ 14.&6 मीटर है
भारतीय वायु सेना ने दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए जीबीयू-12 लेजर-गायडेड बम का इस्तेमाल किया जाता है।
AIR STRIKE 2019: ग्वालियर से उड़े थे जैश के ठिकानों को उजाडऩे वाले भारतीय वायुसेना के विमान

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