भोपाल मध्यप्रदेश

शिवराज कैबिनेट: निवाड़ी को प्रदेश का 52 वां जिला के साथ कई अहम फैसले लिए।

भोपाल। निवाड़ी प्रदेश का 52वां जिला होगा। टीकमगढ़ से अलग होने के बाद निवाड़ी जिला 1 अक्टूबर से अस्तित्व में आएगा। ये फैसला शनिवार को हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक में लिया गया। इसके अलावा नीमच, आगर और शाजापुर में 15 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगेंगे। शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के लिए विशेष पात्रता परीक्षा होगी। साथ ही आधा दर्जन से ज्यादा सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। 1 अक्टूबर को मिंटो हॉल में फिर कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में शनिवार शाम को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। प्रदेश में अब एक नया जिला निवाड़ी आस्तित्व में आएगा। इस नए जिले में निवाड़ी, ओरछा और पृथ्वीपुर तहसील होंगी। नए जिले की आबादी लगभग 4 लाख है और ये प्रदेश का सबसे छोटा जिला होगा। नए जिले की घोषणा के साथ ही राजस्व विभाग ने राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर नए जिले के लिए पदों के सृजन के प्रस्ताव को प्रस्तुत करने के दिए निर्देश दिए। इसके लिए 60 दिन पहले दावे-आपत्ति बुलाए गए थे।। शहरों के बीच बस सेवा कैबिनेट में शहरों के बीच बस सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दी। इस फैसले के तहत 1600 नई बसें चलेंगी। इसके लिए 20 कंपनियां तय की जाएगी। इन बसों के लिए एडवांस टिकट कर बुक किए जा सकेंगे। मोबाइल पर बसों की लोकेशन मिलेगी। खास बात ये है कि प्रदेश का नगरीय विकास विभाग कंपनियों से 7 साल का करार करेगा।। इंदौरभोपाल सिक्स लेन एक्सप्रेस वे। कैबिनेट ने भोपाल-इंदौर सिक्स लेन एक्सप्रेस वे को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत सवा 500 करोड़ रुपए की लागत से भूअर्जन और वन भूमि के डायवर्सन का काम होगा। भोपाल बायपास भी इस योजना में शामिल किया गया है। 140 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेस वे भारतमाला परियोजना का हिस्सा होगा।। अन्य फैसले। – रायसेन और पन्ना में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के प्रस्तावों को मंजूरी। – कटनी के ढीमरखेड़ा और भिंड के मेहगांव में नए आईटीआई खोले जाएंगे। – आधा दर्जन से ज्यादा सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी। – उद्योग संवर्धन नीति में संशोधन, अब संयंत्र और मशीन के साथ भवन को भी शामिल। – ब्लॉक स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावास स्वीकृत किए गए। – छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास होंगे। जब तक छात्रावासों की व्यवस्था नहीं हो जाती तब तक छात्रों को किराए का भवन में रहने की पात्रता मिलेगी।

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